नई दिल्ली: एशियाई कुश्ती चैंपियन और पहलवान लभांशु शर्मा जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। नवंबर 2026 में नई दिल्ली में उनका विवाह 24 वर्षीय डॉ. तृप्ति शर्मा के साथ होगा। शादी समारोह में दोनों परिवारों के सदस्यों के अलावा करीबी दोस्त और खास शुभचिंतक शामिल होंगे।
लभांशु शर्मा खेल के मैदान में अपनी उपलब्धियों के लिए पहचान रखते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत कई प्रमुख हस्तियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब उनके जीवन में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
लभांशु शर्मा की होने वाली पत्नी डॉ. तृप्ति शर्मा 24 साल की हैं और मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रसिद्ध लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वह इंटर्न डॉक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
दोनों परिवारों की सहमति और आपसी सहभागिता से यह रिश्ता तय हुआ है। एक तरफ तृप्ति चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बना रही हैं, वहीं लभांशु कुश्ती के बाद अब कोचिंग के क्षेत्र में युवाओं को तैयार कर रहे हैं।
अपनी शादी को लेकर लभांशु शर्मा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार शादी की तैयारियों को लेकर उत्साहित हैं। उनके मुताबिक, तृप्ति ने चिकित्सा के क्षेत्र में मेहनत से अपनी पहचान बनाई है, जबकि उन्होंने कुश्ती में एशियाई चैंपियन के रूप में उपलब्धियां हासिल करने के बाद कोचिंग को अपना पेशा बनाया।
लभांशु इस विवाह समारोह को पारंपरिक रीति-रिवाजों और निजी पलों के साथ अपने करीबी लोगों के बीच यादगार बनाना चाहते हैं।
उत्तराखंड के ऋषिकेश के रहने वाले लभांशु शर्मा का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने तमिलनाडु में आयोजित ‘भारत केसरी कुश्ती दंगल 2021’ का खिताब जीता था।
इससे पहले 2017 में 120 किलोग्राम भार वर्ग में इंडो-नेपाल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। दिल्ली के केडी जाधव इंटरनेशनल रेसलिंग टूर्नामेंट में उन्होंने रजत पदक भी जीता।
खेल के क्षेत्र में योगदान के लिए लभांशु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार भी मिल चुका है।
लभांशु शर्मा का सफर सिर्फ कुश्ती के अखाड़े तक सीमित नहीं रहा। वह शांति के संदेश को दुनिया तक पहुंचाने के अभियान से भी जुड़े रहे हैं।
उन्होंने भारत से लेकर लंदन तक 28 देशों की सड़क यात्रा की और इस दौरान दुनिया में शांति का संदेश देने का अभियान चलाया। इस यात्रा को उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
सक्रिय कुश्ती करियर के बाद लभांशु ने स्पोर्ट्स कोचिंग का रुख किया। उन्होंने 2022 में नेताजी सुभाष चंद्र राष्ट्रीय खेल संस्थान (NSNIS) से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा हासिल किया। वह यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) लेवल-1 प्रमाणित कोच भी हैं।
2023 में उन्होंने ऋषिकेश के कृष्णा नगर में ‘लभांशु शर्मा कुश्ती अखाड़ा’ की स्थापना की। यहां वह युवा पहलवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
लभांशु का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रतिभावान पहलवानों को ऐसा मंच देना है, जहां वे आगे चलकर ओलंपिक में देश के लिए पदक जीत सकें।
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