रीवा एक्सप्रेस में सफर के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर कथित हमले का मामला सामने आया है। अध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि चलती ट्रेन में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उनकी नाक काटने की कोशिश की गई। उन्होंने इस हमले के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों की साजिश होने का भी आरोप लगाया है। वहीं इस पूरे मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय की बताई जा रही है जब आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। उनका कहना है कि ट्रेन फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच पहुंचने वाली थी। इसी दौरान वे टॉयलेट जाने के लिए अपनी सीट से उठे थे। आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि तभी एक व्यक्ति ने अचानक उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमलावर ने सीधे उनकी नाक पर वार करने की कोशिश की और कई बार हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं।
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह हमलावर का सामना किया और अपनी जान बचाने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्होंने खुद को ट्रेन के बाथरूम में बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच सकी। इस अचानक हुई घटना से ट्रेन के डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में भी डर का माहौल बन गया।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी दावा किया है कि उनकी नाक काटने के लिए पहले से 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उनका कहना है कि इसी वजह से उन पर यह हमला कराया गया। घटना के बाद उन्होंने प्रयागराज जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। फिलहाल जीआरपी पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
वहीं इस मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी का नाम लिए बिना कहा कि बताया जा रहा है कि जब वह टॉयलेट में गए थे तब बिल्कुल ठीक थे, लेकिन बाहर निकलते ही उनका यह हाल हो गया। शंकराचार्य ने कहा कि संभव है कि यह मामला सुरक्षा हासिल करने के लिए बनाया गया हो।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर भारतीय रेलवे जैसी जगह पर किसी यात्री पर हमला हो जाता है तो फिर रेल प्रशासन और जीआरपी की जिम्मेदारी क्या है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में रेलवे प्रशासन को जवाब देना चाहिए।
फिलहाल प्रयागराज जीआरपी पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला किसने किया और इसके पीछे असली वजह क्या है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।