नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 22वें आसियान शिखर सम्मेलन-2025 को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारत और आसियान मिलकर दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा कि “हम सिर्फ पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और साझा मूल्यों से भी गहराई से जुड़े हैं.” पीएम मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और तिमोर-लेस्ते का आसियान परिवार में स्वागत किया. साथ ही उन्होंने थाईलैंड की राजमाता के निधन पर संवेदना भी जताई.
‘समावेशीपन और स्थिरता’ पर फोकस
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का थीम “समावेशीपन और स्थिरता” हमारे साझा मकसद को दिखाता है — चाहे बात डिजिटल कनेक्टिविटी की हो, खाद्य सुरक्षा की या मुश्किल समय में सप्लाई चेन को मजबूत करने की. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा आसियान देशों के साथ खड़ा रहा है, फिर चाहे वह प्राकृतिक आपदाएं हों या समुद्री सुरक्षा के मुद्दे. मोदी ने एलान किया कि 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग का वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा.
पीएम ने आगे कहा कि शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों क्षेत्रों का साथ और भी मजबूत हो रहा है. उन्होंने कहा, “21वीं सदी हमारी सदी है — भारत और आसियान की सदी! मुझे यकीन है कि ‘आसियान विजन 2045’ और ‘विकसित भारत 2047’ मिलकर पूरी मानवता के लिए एक उज्जवल भविष्य बनाएंगे.”