ओवैसी का दावा
बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लिहाजा सत्ता के सारे दावेदार इन दिनों में बिहार में अपनी जोर आजमाइश की नुमाइश कर रहे हैं. इसी क्रम में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी बिहार पहुंचे. सीमांचल में अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे ओवैसी जबसे बिहार पहुंचे हैं तबसे रोज कोई ना कोई सियासी बम फोड़ रहे हैं.
अब ओवैसी ने ये कह कर सबको चौंका दिया कि ‘बिहार में अगर NDA गठबंधन की जीत होती है तो इस बार नीतीश कुमार सीएम नहीं बनेंगे’. वैसे तो बिहार में इस बात की अटकलें काफी दिन लग रही हैं कि अगर एनडीए की सत्ता में वापसी होती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा. विपक्ष भी कह चुका है और ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषक भी कहते आ रहे हैं कि इस बार नीतीश कुमार सीएम नहीं बनेंगे. हालांकि जेडीयू या खुद नीतीश कुमार ने अब तक इस विषय प कुछ भी नहीं कहा है. कमाल की बात ये है कि जेडीयू की सहयोगी बीजेपी भी कुछ कहने से बचती रही है. लेकिन पहले ऐसा नहीं था. पिछले विधानसभा चुनाव या फिर 1996 में जब समता पार्टी और बीजेपी का गठबंधन हुआ था तब से नीतीश कुमार ही इस गठबंधन के सीएम फेस रहे हैं. लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार को लेकर अटकलें लगने लगी हैं.
फिलहाल एनडीए के नेता ये कह रहे हैं कि वो चुनाव नीतीश कुमार के ही नेतृत्व में लड़ रहे हैं. लेकिन सीएम कौन होगा इस पर खुलासा करने से बच रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘बिहार में अगर NDA गठबंधन की जीत होती है तो इस बार नीतीश कुमार सीएम नहीं बनेंगे बल्कि भाजपा का सीएम होगा’.
नीतीश कुमार सीएम बनेंगे या नहीं इसको लेकर चल रही अटकलों के दो मुख्य आधार हैं. एक तो ये कि नीतीश कुमार 74 वर्ष के हो चुके हैं और उनके स्वास्थ को लेकर भी कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. वहीं गाहे बगाहे बीजेपी के कुछ नेता भी इस ख्वाहिश को जाहिर कर देते हैं कि अब बिहार में उन्हे बड़े भाई की भूमिका में आना चाहिए. यानी बिहार में अब बीजेपी का सीएम होना चाहिए. नार्थ इंडिया में बिहार एक ऐसा प्रांत हैं जहां अभी तक बीजेपी का सीएम नहीं बना है.
राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन का कहना है कि ‘ बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार टारगेट करने के लिए हॉट केक बने हुए हैं. नीतीश कुमार को लेकर पहले CWC में कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया. तेजस्वी यादव पहले से ही नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल खड़ा करते आ रहे हैं. अब ओवैसी ने भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने या नहीं रहने पर सवाल खड़ा करके यह जाता दिया है कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की अब वह हैसियत नहीं है जो पहले हुआ करती थी. नीतीश कुमार को लेकर के तमाम शंका उनकी पार्टी के भीतर भी है और बाहर भी है. कुछ लोग चिंता भी जाहिर कर रहे हैं कि अगर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनने की बात हुई तो नीतीश कुमार को महाराष्ट्र की तर्ज पर ‘शिंदे’ बना दिया जाएगा.
अपनी बिहार यात्रा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को महागठबंधन में शामिल होने की गुगली फेंक कर आरजेडी और कांग्रेस को फंसाने की कोशिश की थी. अब नीतीश कुमार पर बयान देकर एनडीए को घरने की कोशिश कर रहे हैं.
इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी…
रांची।झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार…
Vande Mataram Row: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान…
नई दिल्ली। देश में रसोई गैस यानी LPG की सप्लाई को अंतरराष्ट्रीय संकट से बचाने…
BWF World Championships 2026: बैडमिंटन की दुनिया का सबसे बड़ा टूर्नामेंट एक बार फिर भारत…
तेल अवीव। इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू…