उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी को लेकर भी संकेत दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसके जवाब में दावा किया कि सपा के 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव प्रस्तावित है। सपा ने बुधवार को प्रोफेसर राम गोपाल यादव और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया और दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल करने या चुनावी समीकरण में समायोजित करने का सवाल अलग है और सपा किसी से ऐसा वादा नहीं करना चाहती जिसे वह पूरा न कर सके।
हालांकि, बीजेपी की ओर से इस दावे का खंडन करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि सपा के 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। दोनों पक्षों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, लेकिन अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का नाम तब बताया जाएगा जब वोटों की गिनती का गणित पूरा हो जाएगा।
अखिलेश ने राज्यसभा चुनाव में संख्या बल और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पिछली राज्यसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार की हार का जिक्र करते हुए क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया और कहा कि इस बार पार्टी उस घटनाक्रम को ध्यान में रखकर रणनीति बनाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में फिलहाल 396 विधायक हैं। 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी। मौजूदा संख्या के आधार पर सपा के लिए तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना जरूरी होगा।
धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने पर अखिलेश यादव ने इसे नई पीढ़ी और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़ी सोच को संसद में लाने का फैसला बताया।
उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश के जरिए रोजगार तथा आय बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। अखिलेश ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के समाजवाद और समानता के विचार का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक विकास के लिए उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कॉरपोरेट कार्यकारी हैं। उनके पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा सदस्य हैं और वर्तमान में NDA समर्थित निर्दलीय सांसद के तौर पर झारखंड से राज्यसभा में हैं।
कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि जो गठबंधन था, वही आगे भी रहेगा। सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि सपा के लिए जीत प्रमुख आधार होगी।
INDIA गठबंधन की बैठकों और विपक्षी दलों के आपसी तालमेल पर भी उन्होंने टिप्पणी की और कहा कि विपक्षी दलों के काम करने के तरीके से सीखने की जरूरत है।
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके साथ उनके संबंध अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी को एक साथ काम करना चाहिए।
वहीं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर अखिलेश ने राजनीतिक अंदाज में टिप्पणी की और कहा कि अब उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगी या लाल गमछा।
अखिलेश यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर किसानों को सस्ती बिजली और मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कृषि मशीनरी को सस्ता करने और गन्ना किसानों को 24 से 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही। अखिलेश ने खाद, यूरिया और DAP की उपलब्धता को लेकर भी मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि किसानों को उनकी उपज और कृषि व्यवस्था का उचित लाभ मिलना चाहिए।
राज्यसभा चुनाव से पहले सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सपा जहां तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने के संकेत दे रही है, वहीं बीजेपी भी सपा के विधायकों को लेकर अपने दावे कर रही है।
ऐसे में 16 अक्टूबर को होने वाला राज्यसभा चुनाव केवल उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विधानसभा में दलों के मौजूदा संख्या बल और संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी नजर रहेगी। फिलहाल सपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम पर सस्पेंस बरकरार है।
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