नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में भारत की रिकर्व मिक्स्ड टीम ने वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। भारत की नई सनसनी धीरज बोम्मादेवरा और मात्र 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद की जोड़ी ने तीरंदाजी की ‘सुपरपावर’ दक्षिण कोरिया को फाइनल में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारतीय जोड़ी का सामना दक्षिण कोरिया के दिग्गज तीरंदाजों—ओह ये जिन और किम जे देओक—से था। कागज पर कोरियाई टीम पलड़ा भारी लग रहा था, लेकिन मैदान पर कहानी कुछ और ही थी। धीरज और कुमकुम ने न केवल मैच जीता, बल्कि कोरियाई टीम को 5-1 (37-36, 37-36, 39-39) के अंतर से एकतरफा शिकस्त दी।
“मैच के आखिरी पलों में धीरज ने लगातार दो ‘परफेक्ट 10’ लगाकर कोरियाई उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया।”
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि धीरज और कुमकुम दोनों के करियर का यह पहला वर्ल्ड कप गोल्ड है। पिछली बार 2022 में रिद्धि फोर और तरुणदीप राय की जोड़ी ने अंताल्या में ही स्वर्ण पदक जीता था। अब चार साल बाद उसी सरजमीं पर भारत ने फिर से अपना परचम लहराया है।
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