नई दिल्ली: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका विरोधी माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद कवि मोहम्मद रसूली ने अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हिंसक बयान दिया और उन्हें मारने का आह्वान किया। इस दौरान भीड़ ने उनके बयानों का समर्थन करते हुए अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाए।
रसूली ने तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “दुनिया का सबसे दुष्ट व्यक्ति अब तक जिंदा क्यों है?” उनके इस बयान पर मौजूद लोगों ने समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि अब इस दुनिया में ट्रंप के लिए कोई जगह नहीं है, जिस पर भी भीड़ ने जोरदार प्रतिक्रिया दी।
अंतिम संस्कार में लहराए गए हिंसक संदेश वाले पोस्टर
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में शामिल कई लोगों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी दिखाई दिए, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ हिंसक संदेश लिखे थे। कार्यक्रम स्थल के आसपास भी इसी तरह के नारे लिखे गए थे।
युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में हुई थी देरी
अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में मौत हो गई थी। उस समय उनकी उम्र 86 वर्ष थी। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण उनके अंतिम संस्कार का आयोजन निर्धारित समय पर नहीं हो सका और बाद में इसे आयोजित किया गया।
ईरान के शीर्ष नेता और धार्मिक हस्तियां रहीं मौजूद
तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में आयोजित अंतिम संस्कार में 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्लाह जाफर सोभानी ने खामेनेई और उनके साथ मारे गए लोगों के लिए दुआ पढ़ी। इस मौके पर खामेनेई के बेटे मसूद, मेसम और मुस्तफा के अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और रेवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी भी मौजूद रहे।
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कार्यक्रम से रहे दूर
ईरान के नए सुप्रीम लीडर और खामेनेई के बेटे अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में घायल होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। यह भी कहा जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से वह गुप्त स्थान पर रह रहे हैं, जबकि इजरायल पहले उन्हें निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है।
ट्रंप ने भी दी थी कड़ी चेतावनी
इस घटनाक्रम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि वह खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान बची हुई ईरानी नेतृत्व को “एक शॉट” में खत्म कर सकते हैं।