उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है और उसकी पूरी कोशिश अपराधियों को बचाने की रही है। गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे अपील करते हुए कहा कि अगर वे सच में उत्तराखंड की बेटियों के दर्द को समझते हैं, तो अंकिता भंडारी मामले में बिना देर किए सख्त कार्रवाई करें। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री जब भी उत्तराखंड आते हैं, बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न्याय आज तक नहीं मिला।
वायरल ऑडियो से बढ़ा सियासी बवाल
कांग्रेस का हमला उस वक्त और तेज हो गया, जब ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला की बातचीत का एक ऑडियो सामने आया। इस ऑडियो में सुरेश राठौर कथित तौर पर अंकिता भंडारी मर्डर केस में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम ले रहे हैं। दुष्यंत गौतम राज्यसभा सांसद, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी हैं। ऑडियो में सुरेश राठौर यह दावा करते सुनाई देते हैं कि जिस रात अंकिता की हत्या हुई, उस रात दुष्यंत गौतम उसी रिजॉर्ट में मौजूद थे और अनैतिक संबंधों को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि एक भाजपा नेत्री के पास इस मामले से जुड़े कई ऑडियो और वीडियो मौजूद हैं। कांग्रेस का कहना है कि ये दावे बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
SIT से लेकर सरकार तक पर सवाल
गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी केस में बनाई गई एसआईटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय गवाहों को डराने और सबूत मिटाने वालों को बचाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही इस मामले में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने लगे, पूरी धामी सरकार खामोश हो गई और अपने नेताओं को बचाने में जुट गई। गोदियाल ने यह भी कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का हाल ही में वायरल हुआ ऑडियो बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। उस ऑडियो में अंकिता पर भाजपा उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाले जाने की बात कही जा रही है, जो भाजपा नेताओं की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करता है। उन्होंने याद दिलाया कि घटना के बाद अंकिता के कमरे को बुलडोजर से तोड़ा गया और बिस्तर जलाने की कोशिश की गई, जो साफ तौर पर सबूत मिटाने की साजिश थी।
CBI जांच की मांग और आंदोलन की चेतावनी
अंकिता भंडारी हत्याकांड सितंबर 2022 का है, जिसमें 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट की हत्या कर दी गई थी। मई 2025 में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया, लेकिन परिवार और विपक्ष अब भी बड़े नामों की जांच की मांग कर रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि अगर 10–12 दिनों में सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ अंकिता के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए है।