उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर देने वाली एक घटना ने पूरे एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है. सैदनगली थाना क्षेत्र के एक गाँव में, एक विवाहित महिला ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपने देवर की हैवानियत का खुलासा किया है.
पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही देवर ने उसे दवा दिलाने के बहाने सैदनगली ले जाकर जबरदस्ती संबंध बनाए और इस घिनौना करतूत की अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया करता और फिर इसके जरिये उसको ब्लैकमेल करता था.
ब्लैकमेलिंग का सिलसिला दो साल तक चलता रहा
पीड़िता के अनुसार, दो सालों तक उसका देवर इसी अश्लील वीडियो के सहारे उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा और बार-बार अपनी हवस का शिकार बनाता रहा. 11 अक्टूबर 2025 की दोपहर भी, आरोपी ने उसे एक बार फिर सैदनगली की कॉलोनी में बुलाया, वीडियो दिखाकर डराया और दोबारा उसका शोषण किया. जब महिला ने हिम्मत करके विरोध किया, तो उसे जान से मारने और उसके बच्चों को भी खत्म कर देने की धमकी मिली.
लापरवाह प्रशासन ने नही सुनी फ़रियाद
आगे महिला ने बताया की पहले उसने सैदनगली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसकी फरियाद तक नहीं सुनी. आखिरकार, हार मानकर महिला ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपी देवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.इसके बाद पुलिस फ़ौरन इसकी गहन जांच में जुट गयी है.
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के माथे पर एक गहरा दाग है. यह सवाल खड़ा करती है: जब घर की चारदीवारी के अंदर ही महिला की इज्जत खतरे में पड़ जाए, और सुरक्षा देने वाला प्रशासन ही मुँह मोड़ ले, तो एक महिला अपनी गरिमा और सुरक्षा कहाँ खोजेगी?