उत्तर प्रदेश में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत लखनऊ से लेकर बरेली तक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली। लखनऊ में आयोजित रैली के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को पीछे छोड़कर प्रधानमंत्री का पद हासिल किया था। उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्ष द्वारा एसआईआर के विरोध में चलाए जा रहे अभियानों के जवाब में भाजपा ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पार्टी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का पहला चरण 22 अक्तूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश के छह क्षेत्रों में दो दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हुई।
सड़कों पर पार्टी का झंडा थामे हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम उतर आया, जिसने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की:
लखनऊ में कमान: राजधानी लखनऊ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने खुद मोर्चा संभाला।
बरेली में दिग्गज: वहीं बरेली की पदयात्रा में पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी शामिल हुए।
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने मीडिया और जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में जिस तरह की अराजकता फैला रही है, भाजपा अब उसका कड़ा जवाब दे रही है।
मेयर खर्कवाल ने कहा कि जो कांग्रेस आज दूसरों पर वोट चोरी का अनर्गल आरोप लगा रही है, इतिहास गवाह है कि वह खुद वोट चोरी की जननी रही है। उन्होंने नेहरू और पटेल के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दरकिनार कर और वोट चोरी के जरिए ही प्रधानमंत्री की कुर्सी हासिल की थी।
पदयात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन ने पूरे देश को अराजकता के खतरनाक मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसद में चर्चा करने के बजाय कुछ लोग चंद समर्थकों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और आम जनता को लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि भाजपा इस पदयात्रा के माध्यम से ऐसे सभी अराजक तत्वों को जनता के सामने बेनकाब करेगी और हर-एक नागरिक तक पहुंचकर सच्चाई पहुंचाएगी।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज होता नजर आ रहा है। बीजेपी अपनी पदयात्रा के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और जनता तक अपना संदेश पहुंचाने में जुटी है, वहीं लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के नेहरू और पटेल को लेकर दिए गए बयान ने विवाद को नया मुद्दा दे दिया है। अब देखना होगा कि इस अभियान से प्रदेश की राजनीति में बीजेपी को कितना फायदा मिलता है और विपक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
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