लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. आरजेडी से निष्कासन के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर सभी को चौंका दिया. हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन तेज प्रताप का मानना है कि इस बार बिहार में सत्ता परिवर्तन तय है.
इसी बीच केंद्र सरकार ने तेज प्रताप यादव को लेकर बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने उन्हें वाई-प्लस (Y+) कैटेगरी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है. मंत्रालय के आदेश के बाद अब सीआरपीएफ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया गया और उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का आदेश जारी किया गया.यह भी उल्लेखनीय है कि बिहार में अपराध और चुनावी माहौल के बीच सियासी तनाव बढ़ने के चलते तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की अपील की थी.
मोकामा में दुलार चंद यादव की हत्या के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि बिहार में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं न केवल आम लोगों के लिए, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए भी खतरा बन गई हैं. तेज प्रताप का कहना था कि सियासी प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तेज प्रताप ने कहा था, “बिहार की कानून-व्यवस्था सबके सामने है.एक के बाद एक हत्याएं हो रही हैं. कोई नहीं जानता कि कब और कहां कोई दुश्मन सामने आ जाए.” उन्होंने केंद्र और राज्य प्रशासन से आग्रह किया था कि उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान पूरी सुरक्षा दी जाए ताकि वे बिना डर के जनता के बीच जा सकें.
महुआ सीट से आजमा रहे हैं किस्मत
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप यादव महुआ विधानसभा सीट से मैदान में हैं, जहां पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है. तेज प्रताप ने अपनी पार्टी जन शक्ति जनता दल (JJD) की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी उसी दल का समर्थन करेगी जो बिहार में रोजगार सृजन, पलायन पर रोक और वास्तविक बदलाव लाने का काम करेगा.