मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पेंटागन ने ईरान में सैन्य अभियान जारी रखने के लिए करीब 200 अरब डॉलर (लगभग 1.85 लाख करोड़ रुपये) के अतिरिक्त फंड की जरूरत जताई है। यह मांग ऐसे समय आई है जब संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर ही इस युद्ध को लेकर विरोध तेज हो रहा है और सरकार की आलोचना भी बढ़ती जा रही है।
अमेरिका में किसी भी नई फंडिंग के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है। ऐसे में इतनी बड़ी रकम को लेकर कांग्रेस में तीखी बहस होना तय माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में इस प्रस्ताव को पास कराना आसान नहीं होगा।
प्रशासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पेंटागन ने यह फंडिंग प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेज दिया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस मांग की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की, लेकिन संकेत दिया कि आंकड़े बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि “खतरनाक ताकतों से निपटने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है,” जिससे साफ है कि प्रशासन सैन्य अभियान को जारी रखने के पक्ष में है।
एक तरफ जहां युद्ध तेज होता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी जनता और नेताओं का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या कांग्रेस इस भारी-भरकम फंड को मंजूरी देती है या फिर सरकार को अपने सैन्य अभियान की रणनीति में बदलाव करना पड़ता है।
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