दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Meta (Facebook की पेरेंट कंपनी) ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है.Meta ने AI स्टार्टअप Scale AI में भारी निवेश करने के साथ-साथ इसके युवा CEO Alexandr Wang को अपनी सुपरइंटेलिजेंस लैब की कमान सौंप दी है.
Alexandr Wang, जिन्होंने Scale AI को महज 19 साल की उम्र में शुरू किया था, अब Meta की उस टीम को लीड कर रहे हैं जो भविष्य के AI मॉडल्स पर काम कर रही है.
Wang ने AI को लेकर क्या कहा?
“अगर आप आज 13 साल की उम्र से ही AI टूल्स सीखना शुरू करते हैं और उसमें 10,000 घंटे लगा देते हैं, तो आप अगली पीढ़ी के टेक लीडर बन सकते हैं.उन्होंने “vibe-coding” शब्द का उपयोग किया,यानी कोडिंग को एक जुनून, एक लाइफस्टाइल की तरह अपनाना.
उनका मानना है कि आने वाला समय उन लोगों का होगा जो AI को सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि अपनी सोच का हिस्सा बना लेंगे.
Meta ने Scale AI में करीब 14.3 अरब डॉलर (₹1.2 लाख करोड़ से ज्यादा) का निवेश किया है और अब वो इस कंपनी का लगभग 49% हिस्सा रखता है.
हालांकि Scale AI स्वतंत्र रूप से काम करता रहेगा, लेकिन इसके संस्थापक Wang अब Meta की सबसे एडवांस्ड AI टीम के प्रमुख भी हैं.
सुपरइंटेलिजेंस लैब का मिशन क्या है?
Meta की सुपरइंटेलिजेंस लैब का मुख्य उद्देश्य AI में ऐसी बुद्धिमत्ता विकसित करना है जो इंसानी सोच के जितना करीब हो सके. टीम का लक्ष्य केवल मौजूदा GPT-5 जैसे मॉडल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे भी आगे जाकर अगले स्तर के AI मॉडल्स तैयार करना है. इस दिशा में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है नया और रहस्यमयी मॉडल “Omni”, जिस पर Alexandr Wang और उनकी टीम काम कर रही हैं.
Wang ने अपनी टीम को चार प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया है—रिसर्च, ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्ट—ताकि हर सेक्शन अपने फोकस के अनुसार काम कर सके. अब सभी सीनियर लीडर्स सीधे Wang को रिपोर्ट करेंगे, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और प्रभावी बनेगी.
ChatGPT के निर्माता भी Meta से जुड़े
Meta सिर्फ Wang पर ही नहीं, बल्कि टैलेंट पर भी बड़ा दांव लगा रहा है.
हाल ही में ChatGPT के सह-निर्माता Shengjia Zhao को भी Meta ने अपनी टीम में Chief Scientist बनाया है.यह कदम साफ़ करता है कि Meta अब AI की रेस में किसी से पीछे नहीं रहना चाहता.
Meta के लिए क्यों अहम है ये कदम?
Meta अब केवल सोशल मीडिया कंपनी नहीं, बल्कि AI में गूगल, ओपनAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की स्थिति में आ रहा है. Alexandr Wang जैसा युवा और तेज़ सोच वाला लीडर सुपरइंटेलिजेंस के नेतृत्व में नई दिशा देगा. AI सीखने और उसमें करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए यह एक बड़ी प्रेरणा है.
“Alexandr Wang की सोच साफ है की AI अगली क्रांति है और जो इसे जल्दी अपना लेगा, वही लीड करेगा. अगर आप युवा हैं और कोडिंग या AI सीखने का मन है, तो अब समय है शुरुआत करने का.”