देशभर में चल रही मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यशैली, मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर बढ़ते दबाव को लेकर तीखी बहस जारी है।
उत्तर प्रदेश में इस समय SIR अभियान तेज़ गति से चल रहा है और हर दिन इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। वहीं, कई चौंकाने वाले मामले भी प्रकाश में आए हैं।
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी इस पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए हुए है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR की निगरानी के लिए अपने 44 वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
इसी क्रम में सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव अमेठी विधानसभा के गांव-गांव जाकर “पीडीए प्रहरी” कैंप लगवा रहे हैं, जहां मतदाताओं के SIR फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान के तहत वह दिन-रात बीएलओ से बातचीत कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी मतदाता फॉर्म भरने से छूट न जाए।
बीती रात सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने भादर ब्लॉक के पटखौली अग्रेसर गांव में पीडीए प्रहरी कैंप लगाकर ग्रामीणों को फॉर्म भरने में मदद की। इस दौरान उन्होंने BLO के साथ मिलकर मतदाताओं के SIR फॉर्म भरवाए और लोगों को जागरूक करने की अहम पहल की।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया करवा रहा है और वे अखिलेश यादव के निर्देश पर युद्धस्तर पर बूथों पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार देर शाम आयोजित कैंप में कई दर्जन मतदाताओं के SIR फॉर्म भरवाए गए।
कैंप के दौरान भादर ब्लॉक सपा अध्यक्ष रामअचल यादव, बूथ अध्यक्ष एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, विपिन जाटव, मनु पाल, सौरभ चौधरी, चंद्रकांत पाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।”