लखनऊ. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. लगातार उपचार के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो पाया और बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर उनके निधन की पुष्टि की है.
अखिलेश यादव पहुंचे अस्पताल
सुधाकर सिंह की नाजुक हालत की जानकारी मिलते ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मेदांता अस्पताल पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की.बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी.उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया था.

सुधाकर सिंह राजनीतिक सफर पर एक नजर
2023 में ऐतिहासिक जीत
वर्ष 2023 के घोसी उपचुनाव में सुधाकर सिंह ने बीजेपी नेता दारा सिंह चौहान को करीब 50,000 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी. यह जीत सपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम रही.
बता दें कि घोसी उपचुनाव जीतने के लिए बीजेपी के बड़े-बड़े नेता चुनाव प्रचार में पहुंचे थे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी घोसी का किला फतह करने में नाकाम रही. सुधाकर सिंह ने अपनी रणनीति और मजबूत जनाधार के दम पर योगी आदित्यनाथ से लेकर अमित शाह तक की चुनावी प्लानिंग को पूरी तरह फेल कर दिया था और शानदार जीत दर्ज करके घोसी में सपा की स्थिति मजबूत की थी. अखिलेश यादव को उन पर पूरा भरोसा था और इसी विश्वास के चलते उन्होंने उन्हें घोसी उपचुनाव में मैदान में उतारा था।
जमीनी नेता के रूप में पहचान
घोसी क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ थी. जनता से सीधा जुड़ाव और सक्रियता के कारण सपा ने उन्हें यहां से टिकट दिया था, जिसमें वह सफल भी रहे.
लंबा राजनीतिक करियर
1996 में नत्थुपुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने.
2012 में परिसीमन के बाद यह सीट घोसी के नाम से जानी जाने लगी.
2012 में उन्होंने जीत दर्ज की, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते हार गए.
2023 में उपचुनाव में फिर शानदार वापसी की
सुधाकर सिंह सपा के कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते थे. उनके निधन से घोसी और सपा संगठन को बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है.