मलयालम सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री ऐश्वर्या लक्ष्मी एक बार फिर अपने पुराने ड्रेस विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। मई 2026 में एक डायमंड ज्वैलरी एग्जिबिशन में शामिल होने के दौरान ऐश्वर्या ने ऐसा आउटफिट पहना था, जिसकी नेकलाइन और तस्वीरों में नजर आ रहे क्लीवेज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की टिप्पणियां सामने आई थीं। अब करीब चार महीने बाद एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
रजनी हरिदास के साथ बातचीत में ऐश्वर्या लक्ष्मी ने बताया कि उन्हें अपने आउटफिट को लेकर कोई पछतावा नहीं था। उनके मुताबिक असहजता की असली वजह वहां मौजूद कुछ कैमरों का रवैया था।
एक्ट्रेस ने कहा कि कुछ फोटोग्राफर्स उनके चेहरे पर फोकस करने के बजाय शरीर के खास हिस्सों की तस्वीरें लेने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे थे। ऐश्वर्या के मुताबिक ऐसी स्थिति में उन्हें लगा कि उनकी निजी सीमाओं का सम्मान नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कैमरों के इस तरह फोकस करने के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज भी बदल गई और उन्होंने अनजाने में अपने हाथों को छाती के सामने क्रॉस कर लिया।
ऐश्वर्या लक्ष्मी ने साफ किया कि वह अपने आउटफिट को लेकर सफाई नहीं दे रही हैं। उनके मुताबिक ड्रेस में की-होल नेकलाइन थी और उसमें थोड़ा क्लीवेज भी दिखाई दे रहा था। हालांकि, ड्रेस पहनने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि नेकलाइन कैमरों के सामने इतनी ज्यादा खुली हुई नजर आएगी।
एक्ट्रेस ने बताया कि उनके दोस्तों को भी यह ड्रेस काफी पसंद आई थी। डायमंड ज्वैलरी के साथ उन्हें पूरा लुक अच्छा लगा और उन्होंने इसे आत्मविश्वास के साथ पहना था। इसलिए सोशल मीडिया पर हुई आलोचना से उनके अपने पहनावे को लेकर नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया।
सोशल मीडिया पर महिलाओं के कपड़ों को लेकर होने वाली टिप्पणियों पर ऐश्वर्या ने बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला की ड्रेस की लंबाई या उसकी नेकलाइन को उसकी संस्कृति का पैमाना नहीं बनाया जा सकता।
ऐश्वर्या के मुताबिक किसी इंसान की संस्कृति उसके कपड़ों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और सोच से दिखाई देती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी करने वाले लोग क्या अपने इस व्यवहार को वास्तव में सभ्य मानते हैं।
ऐश्वर्या ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को गंभीरता से नहीं लिया था। करीब 24 घंटे तक उन्हें लगा कि लोग इसे सिर्फ मजाक के तौर पर ले रहे हैं। लेकिन जब लगातार पोस्ट और चर्चाएं सामने आने लगीं तो उन्हें लगा कि बात जरूरत से ज्यादा बढ़ा दी गई है।
एक्ट्रेस ने सवाल किया कि साल 2026 में भी महिलाओं के कपड़ों और नेकलाइन को लेकर इतनी लंबी बहस क्यों होनी चाहिए। उनके मुताबिक देश और समाज के सामने इससे कहीं ज्यादा गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सार्वजनिक चर्चा की जरूरत है।
ऐश्वर्या लक्ष्मी ने अपनी बात को सिर्फ ड्रेस विवाद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और GDP जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की तरक्की और आर्थिक स्थिति पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने बुजुर्ग माता-पिता की स्थिति और बच्चों के साथ होने वाली हिंसा को भी गंभीर मुद्दा बताया। ऐश्वर्या ने कहा कि समाज में ऐसे बुजुर्ग भी हैं जिन्हें उनके अपने बच्चे अकेला छोड़ देते हैं और उन्हें वृद्धाश्रम या सड़कों पर जीवन गुजारना पड़ता है।
इसी तरह बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका सवाल था कि इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सोशल मीडिया पर किसी महिला ने क्या पहना, उसकी नेकलाइन कितनी गहरी थी और तस्वीर में कितना क्लीवेज दिखाई दे रहा था, इसी पर इतना ध्यान क्यों दिया जाता है।
ऐश्वर्या लक्ष्मी की पूरी बात का केंद्र यही सवाल रहा कि महिलाओं के कपड़ों को लेकर समाज की प्राथमिकता आखिर इतनी ज्यादा क्यों है। उन्होंने महिलाओं के पहनावे पर होने वाली बहस को बड़े सामाजिक मुद्दों के मुकाबले रखकर सवाल किया कि क्या किसी महिला का क्लीवेज दिखाई देना वास्तव में देश की सबसे बड़ी समस्या है।
एक्ट्रेस के मुताबिक महिलाओं के कपड़ों पर फैसला सुनाने के बजाय समाज को उन मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिनका असर लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पहली लखनऊ वुमन्स प्रीमियर लीग में छक्के-चौकों की बरसात करने और…
यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा को…
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी…
गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र से…
पंजाब में नशे के मुद्दे और गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस ने चंडीगढ़…
भारत में UPI से पेमेंट करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका…