बेंगलुरु से वाराणसी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक होते-होते बच गई.विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने उड़ान के बीच कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की, लेकिन पायलट की फुर्ती और सूझबूझ के चलते कोई बड़ा हादसा टल गया.
क्या हुआ था फ्लाइट में?
इस फ्लाइट में कुल 163 यात्री सवार थे.उड़ान के दौरान दो यात्री अचानक कॉकपिट के पास पहुंचे और दरवाज़े पर लगे डिजिटल लॉक में कोड डालने लगे.पायलट ने केबिन मॉनिटर से जैसे ही अजनबी यात्रियों को कॉकपिट के बाहर देखा, उन्होंने दरवाज़ा खोलने से साफ इनकार कर दिया और सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया.
वाराणसी पहुंचते ही कार्रवाई
जैसे ही विमान वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं.सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस ने मिलकर 9 यात्रियों को हिरासत में लिया, जिनमें से दो के व्यवहार को बेहद संदिग्ध माना जा रहा है.पूछताछ में एक यात्री ने दावा किया कि उसने गलती से कॉकपिट के दरवाज़े को टॉयलेट का दरवाज़ा समझ लिया था.हालांकि जांच अधिकारी इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और गहराई से जांच चल रही है.
DGCA ने मांगी रिपोर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने एयर इंडिया एक्सप्रेस से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी या फिर यात्रियों की लापरवाही.
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लाइट क्रू को बेहतर ट्रेनिंग और यात्रियों को सफर से पहले सुरक्षा संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.