अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोवर्क एजेंट के लिए 11 ओपन-सोर्स प्लग-इन्स लॉन्च किए हैं और इस घोषणा ने वैश्विक टेक बाजार में हलचल मचा दी है। निवेशकों को आशंका है कि ये एआई प्लग-इन्स पारंपरिक सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) और आईटी सर्विस मॉडल को सीधे चुनौती दे सकते हैं। इसी डर का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखा, जहां वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ-साथ भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भी 6–7% तक की गिरावट दर्ज की गई।
क्या करते हैं ये नए एआई प्लग-इन्स?
एंथ्रोपिक द्वारा जारी किए गए ये प्लग-इन्स सेल्स, मार्केटिंग, लीगल, फाइनेंस, डेटा एनालिसिस, कस्टमर सपोर्ट और प्रोडक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों के कई काम ऑटोमेट करने में सक्षम हैं। ये टूल दस्तावेज पढ़कर कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू कर सकते हैं, सेल्स कॉल की तैयारी कर सकते हैं, कैंपेन प्लान बना सकते हैं, SQL क्वेरी लिख सकते हैं और फाइनेंशियल रिपोर्ट तैयार करने तक में मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन प्लग-इन्स में “कनेक्टर्स” फीचर भी शामिल है, जिससे ये CRM, ईमेल, कैलेंडर और अन्य एंटरप्राइज टूल्स से सीधे जुड़कर काम कर सकते हैं।
बाजार क्यों घबरा गया?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर एआई एजेंट्स इस स्तर पर वर्कफ्लो ऑटोमेशन करने लगते हैं, तो आउटसोर्सिंग और मैनपावर-आधारित आईटी सर्विसेज मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि भारतीय आईटी कंपनियों जैसे इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएलटेक, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली और निफ्टी आईटी इंडेक्स भी नीचे बंद हुआ। कुछ विशेषज्ञ इसे “सासपोकैलिप्स” कह रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई टेक लीडर्स का कहना है कि एआई इंडस्ट्री को खत्म नहीं करेगा बल्कि उसे और मजबूत बनाएगा।
फिलहाल बाजार में असमंजस की स्थिति है—कुछ निवेशक इसे भविष्य के बड़े बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं, तो कुछ इसे शुरुआती घबराहट। लेकिन इतना तय है कि एंटरप्राइज एआई की रेस अब और तेज होने वाली है और आने वाले समय में टेक कंपनियों की रणनीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।