अंतरिक्ष की गहराइयों से एक ऐसा काल आ रहा है जो इतिहास को बदल सकता है। नासा के अलर्ट और वैज्ञानिकों की नई रिसर्च ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। क्या हम एक बड़ी तबाही की दहलीज पर खड़े हैं? क्या दुनिया खत्म होने की राह में कदम रख रही है ?
पृथ्वी की ओर बढ़ रहा विशाल एस्टरॉयड-
ब्रह्मांड में इस वक्त कुछ ऐसा घट रहा है जिसने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की रातों की नींद उड़ा दी है। नासा (NASA) की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने एक विशालकाय एस्टरॉयड 2026 BX4 को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। करीब 700 फीट चौड़ा यह पत्थर किसी फुटबॉल स्टेडियम जितना बड़ा है, जो तूफानी रफ्तार से सीधे धरती की ओर बढ़ रहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब यह अपने रास्ते पर आगे बढ़ेगा, तो धरती से इसकी दूरी महज 29.40 लाख किलोमीटर रह जाएगी। सुनने में यह दूरी ज्यादा लग सकती है, लेकिन अंतरिक्ष के पैमाने पर यह “बाल बराबर” फासला है। अगर मामूली खिंचाव से भी इसका रास्ता बदला, तो परिणाम कल्पना से परे हो सकते हैं।

2032 में चांद पर होगा ‘परमाणु विस्फोट’!
खतरा सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों ने एक और खौफनाक भविष्यवाणी की है। एस्टरॉयड 2024 YR4 आने वाले समय में चंद्रमा के लिए ‘यमदूत’ बन सकता है। सिंघुआ यूनिवर्सिटी के यीफान हे (Yifan He) के अनुसार, साल 2032 में इस एस्टरॉयड के चंद्रमा से टकराने की 4 प्रतिशत संभावना है।
यह कोई सामान्य टक्कर नहीं होगी। रिसर्च पेपर के मुताबिक
थर्मोन्यूक्लियर विस्फोट: इस टक्कर से निकलने वाली ऊर्जा एक मध्यम आकार के परमाणु बम के बराबर होगी।
विशाल गड्ढा: चांद की सतह पर 1 किलोमीटर चौड़ा गहरा गड्ढा (Crater) बन जाएगा।
चंद्रकंप (Moonquake): इस भीषण प्रहार से पूरा चंद्रमा कांप उठेगा, जिससे आधुनिक इतिहास की सबसे शक्तिशाली चंद्र-टक्कर दर्ज की जाएगी।
क्या खत्म हो जाएगी दुनिया?
नासा का कहना है कि 150 फीट से बड़ा कोई भी पत्थर अगर धरती के नजदीक आता है, तो वह ‘संभावित रूप से खतरनाक’ की श्रेणी में आता है। हालांकि, अभी तक 2026 BX4 के सीधे टकराने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ‘स्पेस वेदर’ में जरा सा बदलाव भी तबाही की कथा लिख सकता है। अगर चांद पर इतनी बड़ी टक्कर होती है, तो उसका असर पृथ्वी के और वायुमंडल पर भी पड़ना तय है।
फिलहाल, दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां इन ‘स्पेस रॉक’ पर पैनी नजर रखे हुए हैं। क्या इंसानियत इस आसमानी आफत को रोकने में सक्षम होगी? यह तो वक्त ही बताएगा।