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फटी चादर के पीछे छिपा था आलीशान बंगला: इंदौर के भिखारी की दौलत देख पुलिस भी दंग!

सोचिए, जिस शख्स को आप लाचार सड़क पर लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी चलाते देखते हो कहीं ऐसा तो नहीं कि वो शाम को अपनी Swift Dzire कार के पिछले हिस्से में बैठकर अपने पर्सनल ड्राइवर को घर चलने का हुक्म देता हो?

जी हां, ‘मिनी मुंबई’ कहे जाने वाले इंदौर के सराफा बाजार से एक ऐसी ‘हॉलीवुड स्टाइल’ कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस और प्रशासन का दिमाग चकरा दिया है। इंदौर में एक दिव्यांग व्यक्ति, जो सालों से लकड़ी की स्केटिंग बोर्ड गाड़ी के सहारे सड़कों पर भीख मांगकर गुजारा कर रहा था, हाल ही में अपनी असलियत के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। मिलिए, मांगीलाल से जो भेष से भिखारी है, लेकिन हैसियत से शहर के कई सफेदपोशों पर भारी है!

3 मकान और ‘रियल एस्टेट’ का शौक

प्रशासन की टीम जब मांगीलाल को ‘भीख मुक्त शहर – एक नई पहल’ के तहत पकड़ने गई, तो उन्हें लगा था कि वो एक लाचार बुजुर्ग की मदद कर रहे हैं। लेकिन जांच की परतें जैसे जैसे खुलीं तो सामने आया एक करोड़पति भिखारी का पूरा साम्राज्य:

मांगीलाल की संपत्ति का खुलासा काफी चौंकाने वाला है; उसके पास भगत सिंह नगर में एक 3-मंजिला आलीशान मकान है और शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का एक और पक्का घर मौजूद है। इतना ही नहीं, उसने अलवास में सरकारी कोटे के तहत खुद को ‘गरीब’ बताकर एक 1-BHK फ्लैट भी हासिल कर लिया था।

स्वैग ऐसा कि बड़े-बड़े फेल!

किसे पता था कि दिन भर धूल फांकने वाला ये भिखारी शाम होते ही VIP बन जाता है? मांगीलाल ने खुद की गाड़ी चलाने के लिए बाकायदा एक ड्राइवर रखा है, जिसे वो 12,000 रुपए महीना सैलरी देता है। सड़क पर खुद भले ही रेंगता हो, पर शहर की सड़कों पर उसके 3 ऑटो-रिक्शा दौड़ते हैं, जिसका मोटा किराया सीधे उसकी जेब में जाता है।  

मांगीलाल सराफा के छोटे व्यापारियों के लिए ‘प्राइवेट बैंक’ बन चुका था। भीख में मिले चिल्लरों को वो व्यापारियों को मोटे ब्याज पर उधार देता था। लोग बताते हैं कि वो अपनी रेहड़ी पर बैठकर भीख मांगने नहीं, बल्कि अपना डेली ब्याज वसूलने बाजार आता था।

 प्रशासन का ‘हंटर मोड’

पुलिस प्रशासन और उनकी टीम अब इस ‘हाई-प्रोफाइल भिखारी’ की कुंडली खंगाल रही है। और पता करने में जुटी हुई है की करोड़ों की संपत्ति छुपाकर सरकारी योजना का लाभ कैसे लिया था मांगीलाल ने? उसका बिना लाइसेंस के ब्याज का ‘काला धंधा’ कैसे चल रहा था? प्रशासन अब मांगीलाल के बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों को सीज करके आगे की कारवाई करने में जुट गयी है।

news desk

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