आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई ‘रॉकेट’ की रफ्तार से अमीर बनना चाहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही जल्दी आपको सड़क पर ला सकती है? फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने एक बार फिर ‘पोंजी’ (Ponzi) स्कीम्स को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। जानिए कैसे काम करता है ये खतरनाक खेल और कैसे बचें इन डिजिटल ठगों से।
क्या है इस धोखे का असली ‘ब्लूप्रिंट’?
सरल शब्दों में कहें तो पोंजी स्कीम निवेश का एक ऐसा फर्जी ढांचा है, जिसकी बुनियाद ही झूठ पर टिकी होती है। इसमें कोई एक्चुअल बिजनेस नहीं होता। यहाँ बस नए इन्वेस्टर्स से पैसा लिया जाता है और उसी पैसे को पुराने निवेशकों को प्रॉफिट के तौर पर थमा दिया जाता है। जब नए लोग जुड़ना बंद होते हैं, तो पूरा सिस्टम ढह जाता है।
वो शातिर दिमाग जिसने दुनिया को ठगा
इस काले खेल का नाम चार्ल्स पोंजी के नाम पर पड़ा, जिसने 1920 में अमेरिका को हिला कर रख दिया था। जहा उसने दावा किया कि वो मात्र 45 दिनों में पैसा 50% बढ़ा देगा और 90 दिनों में डबल कर देगा। लेकिन उसके पास कोई जादुई बिजनेस मॉडल नहीं था। वो सिर्फ ‘एक हाथ से लेकर दूसरे हाथ’ को बांट रहा था।
आजकल ये ठग नए-नए एप्स और वेबसाइट्स के जरिए आप तक पहुँचते हैं। इनके ये लक्षण हमेशा याद रखें:
• अगर कोई आपको मार्केट से कहीं ज्यादा रिटर्न का लालच दे रहा है, तो समझ लीजिए दाल में कुछ काला है।
• अगर कोई कहे कि जोखिम बिल्कुल नहीं है, तो समझे वो आपके साथ स्केम करने के लिए झूठ बोल रहा है।
आपकी समझ ही आपका सुरक्षा कवच है!
इस डिजिटल युग में फाइनेंशियल लिटरेसी ही आपकी सबसे बड़ी ढाल है। किसी भी स्कीम में अपनी कमाई लगाने से पहले ये चेक करें: की क्या कंपनी सेबी (SEBI) जैसी रेगुलेटरी बॉडीज के साथ रजिस्टर्ड है? और क्या उनका बिजनेस मॉडल कानूनी रूप से वैध है?