मोहम्मद शमी का नाम सुनते ही साल 2023 का विश्व कप याद आ जाता है. भले ही टीम इंडिया खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाई, लेकिन शमी ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से विरोधी टीमों को दबाव में रखा. उनकी तेज़ और धारदार गेंदबाजी के सामने विश्व क्रिकेट के कई धाकड़ बल्लेबाज भी ढेर होते नजर आए.
हालांकि, अब मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट से गायब हैं और टीम इंडिया में उन्हें जगह नहीं दी जा रही है. ऐसा लगता है कि बीसीसीआई का उन पर भरोसा कम हो गया है, जिसके कारण उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है.
35 साल के शमी ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया है, बावजूद इसके टीम से बाहर हैं. शमी खुद भी समझ नहीं पा रहे हैं कि टीम से बाहर क्यों रखा गया, जबकि वे पूरी तरह फिट हैं. उन्होंने तीन मैचों में 91 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 15 विकेट चटकाए हैं.
इस मुद्दे पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने भी बयान दिया. उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है चयनकर्ता उन पर नजर रख रहे हैं और उनके बीच संवाद भी है. अगर फिटनेस और कौशल की बात करें तो शमी वही पुराने शमी हैं. मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई कारण है कि वह टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में भारत के लिए न खेलें.”
फिलहाल भारत के पास प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप जैसे युवा तेज गेंदबाज हैं, लेकिन गांगुली का मानना है कि शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज का अनुभव किसी भी टीम के लिए अनमोल रहेगा.
गौरतलब है कि मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अब तक शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट, जिसमें 14 बार चार और 6 बार पांच विकेट शामिल हैं. वहीं 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 27 विकेट झटके हैं. 2023 विश्व कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और चैंपियंस ट्रॉफी टीम में शामिल किए गए थे.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम
शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान/विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी.