हरियाणा के फरीदाबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां के एक मेडिकल कॉलेज में एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की है, जिसने हाल ही में अनंतनाग मेडिकल कॉलेज के एक मामले में गिरफ्तार दूसरे डॉक्टर की निशानदेही पर यह बड़ा ऑपरेशन अंजाम दिया.
बिहार चुनाव से पहले इस तरह की साजिश का खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले आतंकी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह घटना टल गई.
बता दें कि बिहार चुनाव का पहला चरण संपन्न हो चुका है और दूसरा चरण 11 नवंबर को होने वाला है। ऐसे में सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है. जम्मू-कश्मीर में आतंकी लगातार सक्रिय हैं और उनका नेटवर्क धीरे-धीरे पूरे देश में फैल रहा है.
दरअसल, अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. आदिल के लॉकर से पहले ही एक एके-47 राइफल बरामद की गई थी. इसी सिलसिले में पुलिस ने आदिल को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसके बाद एक अन्य डॉक्टर का नाम सामने आया. उसी की निशानदेही पर फरीदाबाद में इतनी बड़ी बरामदगी हुई है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. आदिल को पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था, जहां उस पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने का आरोप था. अब जांच के दायरे के विस्तार के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी जाँचाधीन है और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क के पीछे के “मास्टरमाइंड” का पता लगाया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में फैले संभावित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.
डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अनंतनाग से एक और डॉक्टर को हिरासत में लिया और कड़ी पूछताछ की, जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं. इसके बाद जांच का दायरा हरियाणा के फरीदाबाद तक बढ़ गया। यहां पुलिस की टीम ने उस डॉक्टर के फ्लैट में छापा मारकर दो AK-47 राइफलें और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया.
पुलिस के अनुसार, तीनों डॉक्टरों के बीच स्पष्ट तालमेल था और इनका नेटवर्क दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों से हरियाणा तक फैला हुआ है.