भभिसा चौकी के पास कांधला पुलिस की रोक जाँच के दौरान हुई मुठभेड़ ने इलाके में सनसनी मचा दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोस्ट वांटेड इनामी आरोपी नफीस घायल हुआ और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. नफीस पर कुल ₹1 लाख का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ लगभग 34-35 मामले दर्ज थे। इन मामलों में हत्या, लूट डकैती, जानलेवा हमले और नकली मुद्रा से जुड़े अपराध प्रमुख हैं.
घटना की पूरी जानकारी
पुलिस के अनुसार, कांधला टीम रात में भभिसा चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए. पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने की कोशिश करने लगे और पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने पीछा करते हुए गोलीबारी की, जिसमें नफीस को गोली लगी. उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुठभेड़ के बाद उसके पास से बाइक, पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए.
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस अधिकारी एन.पी. सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन नफीस का साथी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जवाबी कार्रवाई कानूनी दायरे में रही. पुलिस का कहना है कि थाने की टीम ने समय पर कार्रवाई की और इलाके से खतरनाक तत्व हटाने में कामयाबी हासिल की.
नफीस का आपराधिक रिकॉर्ड
नफीस लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की लंबी सूची यह दर्शाती है कि वह इलाके के लिए कितना खतरा था. ऐसे मामलों में इनामी अपराधियों का ढेर होना तत्काल राहत देता है, लेकिन मुठभेड़ों की जांच पड़ताल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और कोर्ट में सबूत पेश करना भी महत्वपूर्ण है. बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि नफीस का अपराधी नेटवर्क और पिछले मामलों से कनेक्शन स्पष्ट हो. पुलिस रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और फील्ड टीम के बयानों के आधार पर अदालत में एफआईआर और रिपोर्ट दर्ज की जाएगी.