जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सेना ने एक बार फिर आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. माचिल और दुदनियाल इलाकों में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया. ये मुठभेड़ नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक उस वक्त हुई जब सेना ने संदिग्ध गतिविधियों को नोटिस किया गया. सेना की जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी हुई और इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और आतंकी छिपा न हो.
कठुआ में खेत में मिला बम, बम स्क्वॉड ने किया नाकाम
इससे पहले कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के करोल मथुरा गांव में खेत में एक पुराना मोर्टार शेल (गोला) मिलने से लोगों में हड़कंप मच गया. यह सूचना स्थानीय लोगों ने प्रशासन को दी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया. सेना और सुरक्षा बलों ने मोर्टार को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. यह एक पुराना विस्फोटक था जो पहले की किसी गोलीबारी का हिस्सा रहा होगा.
सर्दियों से पहले सीमा पर सुरक्षा बढ़ी
जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम नज़दीक आ रहा है, बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है. बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, सर्दियों से पहले घुसपैठ की घटनाएं आमतौर पर बढ़ जाती हैं, क्योंकि बर्फबारी के चलते रास्ते बंद हो जाते हैं. खुफिया रिपोर्ट्स से यह पता चला है कि सीमा पार कई लॉन्च पैड्स पर आतंकी घुसपैठ के इंतजार में बैठे हैं. अधिकारी ने बताया कि इन संभावित खतरों को देखते हुए जवानों को अलर्ट पर रखा गया है और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी की जा रही है. बीएसएफ ने यह भी इशारा किया कि भारत का पड़ोसी देश आतंकियों को समर्थन दे रहा है और सीमा पार लॉन्च पैड्स तैयार किए जा रहे हैं, जहां से आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं.