उत्तर प्रदेश में जमीन घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामला 2016 का है. जब लखनऊ के जानकीपुरम जमीन घोटाले का मामला सामने आया था. उस मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है. यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट समेत एलडीए के 4 तत्कालीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है.
विजिलेंस की जांच में मिली गड़बड़ी!
इस मामले की जांच विजिलेंस विभाग कर रही थी. विजिलेंस द्वारा की गई गोपनीय जांच के बाद पाया गया कि प्रियदर्शिनी – जानकीपुरम योजना के भूखंड आवंटन में बदलाव कर रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की गई थी. उस समय अंबी बिष्ट एलडीए में संपत्ति अधिकारी के पद पर तैनात थीं.
आरोपियों में अंबी बिष्ट के अलावा एलडीए के तत्कालीन अनुभाग अधिकारी वीरेंद्र सिंह, उप सचिव देवेंद्र सिंह राठौड़, वरिष्ठ कॉस्ट अकाउंटेंट बी. महादनी और अवर वर्ग सहायक शैलेंद्र कुमार गुप्ता शामिल हैं.
भ्रष्टाचार निवारण सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज
आरोप है कि सभी आरोपियों ने भूखंड आवंटन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार में संलिप्तता दिखाई. भूखंडों के बैनामों की फोरेंसिक जांच में उनके हस्ताक्षरों की पुष्टि के बाद शासन से मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी गई थी.
अब शासन की मंजूरी मिलने के बाद आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है.