नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान से जुड़ी कथित खुफिया जानकारी साझा करने की योजना पर सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दोनों नेताओं की अहम मुलाकात होने वाली है। ट्रंप के बयान ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संभावित मतभेदों की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
खुफिया जानकारी साझा करने की खबर पर जताई नाराजगी
एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से उस रिपोर्ट पर सवाल किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि नेतन्याहू ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने की योजना बना रहे हैं। इस पर ट्रंप ने साफ शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें यह बात सार्वजनिक मंच पर नहीं, बल्कि सीधे बताई जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह घोषणा मीडिया के जरिए सुनने को मिली, जिसके बाद उन्होंने सवाल किया, “तुमने मुझे यह सीधे क्यों नहीं बताया? दुनिया के सामने इसकी घोषणा करने की क्या जरूरत थी?”
इंटेलिजेंस साझा करने के दावे को किया खारिज
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान इस बात को भी खारिज किया कि उन्हें किसी विशेष खुफिया जानकारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से ऐसी जानकारी सुनने की आवश्यकता नहीं है और उनका मानना है कि इस तरह की बातें उन्हें चर्चा में बनाए रखने के उद्देश्य से कही जा रही हैं।
ईरान की परमाणु गतिविधियों पर अमेरिका की नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने ईरान की ‘पिकएक्स माउंटेन’ परमाणु साइट का जिक्र करते हुए एक बार फिर उस पर संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दोहराई।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की पूरी जानकारी है और इसे कोई ऐसी स्थिति नहीं मानता जिसे नजरअंदाज किया जाए। ट्रंप ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर इस इलाके पर बेहद कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक से पहले बढ़ी दोनों नेताओं के रिश्तों पर चर्चा
ट्रंप और नेतन्याहू की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के संकेत दिए हैं और ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ संभावित समझौते के लिए बातचीत की बात भी कह चुका है।
इसके बावजूद ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई को और तेज करने से पीछे नहीं हटेगा।
पश्चिम एशिया में लगातार बना हुआ है तनाव
अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। पिछले कई महीनों से क्षेत्र में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।