कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि तीनों नेताओं ने गुरुवार को ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और उसी दिन उन्हें चुनावी मैदान में उतार दिया गया।
आज ही बीजेपी में हुए शामिल
सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को पार्टी छोड़ी थी। तीनों नेताओं ने इस्तीफे के दौरान पार्टी नेतृत्व पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया था।
गुरुवार को पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में साल्ट लेक स्थित पार्टी कार्यालय में तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव से भाजपा को राज्य में मजबूती मिलेगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव की अधिसूचना 7 जुलाई को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई तय की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को होगी।
क्या कहता है जीत का गणित?
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 208 विधायक हैं। किसी भी उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्ष को कम से कम 70 वोटों की जरूरत होगी।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव 80 सीटों पर जीतकर समाप्त किया था। हालांकि, पार्टी के 60 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं। ऐसे में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के पास अब 20 विधायक ही बचे हैं।