नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका बुधवार रात एक बार फिर ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप का कहना है कि ईरान लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है और इसी वजह से सैन्य कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ समझौता अब प्रभावी नहीं रहा।
नाटो सम्मेलन में ट्रंप का बड़ा बयान
तुर्की के अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर जोरदार हमला किया था और जरूरत पड़ने पर बुधवार रात भी दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। सैन्य कार्रवाई की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान की गतिविधियों को देखते हुए फिर से हमला किया जा सकता है।
व्यावसायिक जहाजों पर हमले का लगाया आरोप
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज़ जलमार्ग में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। उनके अनुसार, ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर कार्रवाई करने और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश भी कर सकता है।
‘समझौता अब खत्म हो चुका है’
ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि वह ईरान से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते और ईरान के नेतृत्व पर भी तीखी टिप्पणी की।
अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलमार्ग में तीन पोतों पर हमले के बाद बुधवार तड़के ईरान पर जवाबी कार्रवाई की। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया।
ईरान का पलटवार, 85 अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उसने 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से युद्धविराम के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हमलों के बाद बढ़ा टकराव
मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर गोले दागे जाने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद अमेरिका ने नए हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने भी स्पष्ट किया कि वह हर कार्रवाई का जवाब देगा।