अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे समझौते को पूरी तरह खत्म करने का बड़ा ऐलान किया है। अंकारा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सनसनीखेज दावा किया कि ईरान उन्हें भी निशाना बनाने की फिराक में है। ट्रंप का यह कड़ा फैसला ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों के तुरंत बाद आया है।
1. ‘ईरान ने बोला झूठ, अब सीधे परमाणु मुक्त करेंगे’ – डोनाल्ड ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेहरान के साथ अब किसी भी तरह की बातचीत की गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर धोखा देने का आरोप लगाया।
- बातचीत के रास्ते बंद: ट्रंप ने कहा, “ईरान ने मुझसे झूठ बोला, इसलिए तेहरान से अब आगे कोई बात नहीं होगी। हमने सब कुछ खत्म कर दिया है।”
- परमाणु मुक्त करने का प्लान: अमेरिका अब ईरान को पूरी तरह परमाणु मुक्त बनाने के लिए जल्द ही एक बड़े एक्शन प्लान को अमल में लाने जा रहा है।
- हमले का मुंहतोड़ जवाब: ईरान के आक्रामक रुख पर चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा, “ईरान के लोग किसी को नहीं बख्शते, वे काफी गंदे हैं। मैंने साफ कह दिया है कि अगर आप हमला करोगे, तो हम भी छोड़ेंगे नहीं।”
2. ईरान का पलटवार: ‘हम जंग के लिए तैयार हैं’
अमेरिका के इस कड़े फैसले के बाद ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका को जवाब देते हुए युद्ध की तैयारियों का संकेत दिया है।
- विश्वासघात का आरोप: ईरान का कहना है कि अमेरिका ने होर्मुज में विश्वासघात किया है, इसलिए वाशिंगटन पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता।
- फतवे का साया: गौरतलब है कि तेहरान में खामेनेई के जनाजे के दौरान कट्टरपंथियों ने ‘डेथ टू अमेरिका’ और ट्रंप की हत्या के नारे लगाए थे। इसके साथ ही ईरान के विशेषज्ञ परिषद ने ट्रंप की हत्या को ईरानियों का धार्मिक कर्तव्य बताते हुए एक फतवा भी जारी किया था।
3. नाटो (NATO) सहयोगियों पर भी बरसे अमेरिकी राष्ट्रपति
इस वैश्विक संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों यानी नाटो (NATO) सदस्यों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ लड़ाई में नाटो सदस्य अमेरिका की उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं कर रहे हैं, जिससे वह नाटो के रुख से बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं।
4. क्यों बिगड़े हालात? समझिए विवाद की क्रोनोलॉजी
सऊदी-कतर के जहाजों से शुरू हुआ यह विवाद अब सैन्य ठिकानों पर हमलों तक पहुंच चुका है:
- 7 जुलाई (मंगलवार): ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने होर्मुज में कतर और सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बनाया। कतर के मुताबिक, ईरान ने 60 दिनों तक किसी जहाज पर हमला न करने का वादा तोड़ा है।
- 8 जुलाई (बुधवार सुबह): जहाजों पर हमले से भड़के अमेरिका ने सुबह ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की।
- जवाबी कार्रवाई: इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक कर दिया, जिसके बाद ट्रंप ने समझौते को हमेशा के लिए खत्म करने की घोषणा कर दी।