उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री “योगी आदित्यनाथ” ने की। इन प्रस्तावों में प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाएं और कुछ स्थानों के नाम परिवर्तन जैसे अहम फैसले शामिल रहे।
जलालाबाद का नाम बदला गया
कैबिनेट के सबसे चर्चित फैसलों में से एक शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलना रहा। अब इसे आधिकारिक रूप से ‘भगवान परशुराम पुरी’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार के अनुसार, यह निर्णय क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर इस नाम परिवर्तन की मांग उठ रही थी।
27 प्रस्तावों में क्या खास रहा?
कैबिनेट में पास हुए 27 प्रस्ताव अलग-अलग विभागों से जुड़े थे, जिनमें शामिल हैं: प्रशासनिक सुधार से जुड़े फैसले, विकास और बुनियादी ढांचे की योजनाएं, कुछ नई नीतियों को मंजूरी, नाम परिवर्तन से जुड़े प्रस्ताव सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को तेज करना और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
नाम परिवर्तन का महत्व
सरकार का मानना है कि किसी क्षेत्र का नाम उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। जलालाबाद का नाम बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ किए जाने से क्षेत्र को एक नई धार्मिक पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
अब इस फैसले के बाद राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां सभी सरकारी रिकॉर्ड, नक्शों और दस्तावेजों में नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू करेंगी। इसके बाद सभी आधिकारिक कार्यों में नया नाम लागू हो जाएगा।