Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: “अबॉर्शन राइट्स” पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! ‘कोख पर सिर्फ महिला का हक, गर्भपात के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं’
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > राज्य > मध्य प्रदेश > “अबॉर्शन राइट्स” पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! ‘कोख पर सिर्फ महिला का हक, गर्भपात के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं’
Trending Newsमध्य प्रदेश

“अबॉर्शन राइट्स” पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! ‘कोख पर सिर्फ महिला का हक, गर्भपात के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं’

news desk
Last updated: July 6, 2026 12:13 pm
news desk
Share
SHARE

महिला अधिकारों और बॉडी ऑटोनॉमी को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कोई महिला मां बनना चाहती है या नहीं, या उसे गर्भपात (अबॉर्शन) कराना है या नहीं, यह फैसला लेने का अंतिम और एकमात्र अधिकार सिर्फ उस महिला का है, पति का नहीं।

Contents
पति की सहमति की कोई कानूनी बाध्यता नहींसंविधान देता है “राइट टू बॉडी ऑटोनॉमी”

आधुनिक कानूनी विमर्श में इस फैसले को महिलाओं के प्रजनन अधिकारों “रीप्रोडक्टिव राइट्स” के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

पति की सहमति की कोई कानूनी बाध्यता नहीं

हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कानून के प्रोविजन्स को पूरी तरह क्लियर किया। अदालत ने कहा कि गर्भ को रखने या न रखने का ‘सेंसिटिव डिसीजन’ लेने के लिए महिला को अपने पति की लिखित या मौखिक सहमति ‘रिटेन या वर्बल कंसेंट’ लेने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। कोख में पल रहे बच्चे के भविष्य और अपने शरीर पर पहला और आखिरी हक महिला का ही रहेगा।

संविधान देता है “राइट टू बॉडी ऑटोनॉमी”

अपने फैसले में कोर्ट ने इस बात को भी हाइलाइट किया कि भारतीय संविधान हर नागरिक को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। इसी के तहत महिलाओं को अपने रीप्रोडक्टिव सिस्टम और शरीर से जुड़े फैसले लेने की पूरी आजादी है। कानूनन कोई भी पुरुष या परिवार किसी महिला को उसकी मर्जी के बिना गर्भधारण करने या उसे गिराने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #HighCourt, #HumanRights, #IndiaNews, #indianpresshouse, #LawAndJustice, #LegalNews, #SocialJustice, #Trending news, #TrendingNews, #WomenEmpowerment, #WomenRights, #WomensHealth, AbortionRights, BodyAutonomy, ConstitutionOfIndia, indianpresshouse news, MadhyaPradeshHighCourt, PregnancyRights, Women'sFreedom
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article UP News: सुहागरात पर दुल्हन की खौफनाक चेतावनी-‘मुझे छुआ तो मर्डर कर दूंगी’ और फिर दूल्हे ने उठा लिया ये कदम…किसी ने भी नहीं सोचा था…’
Next Article ‘लॉक अप 2’ की जेल में टूटा सुनीता आहूजा का सब्र!  कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, पति गोविंदा को लेकर कही ये बड़ी बात

फीचर

View More

महासागरों की बढ़ती गर्मी से बदल रहा पूरी दुनिया का मौसम! एल नीनो क्यों बना वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता, समझिए पूरी कहानी

नई दिल्ली: दुनिया के महासागर लगातार गर्म होते जा रहे हैं और वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन के सबसे गंभीर संकेतों…

By vineet verma 6 Min Read

बादल तो छाए, फिर भी क्यों नहीं मिलती गर्मी से राहत? जानिए बिना धूप के भी पसीना आने और बढ़ती उमस का पूरा वैज्ञानिक कारण

नई दिल्ली: आसमान में बादल छा जाने के बाद ज्यादातर लोगों को…

4 Min Read

चीनी ऐप से बीच सड़क अचानक क्यों रुक रहे ई-रिक्शा? खुलासे ने बढ़ाई टेंशन, क्या अब सोलर ग्रिड भी खतरे में?

भोपाल: मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा को बीच रास्ते रोकने के मामले…

7 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

नीट आंदोलन में ‘फास्टिंग’ बनाम ‘फिटनेस’! वांगचुक के 9 दिन के अनशन के बीच दीपके ने क्यों कहा – “भूखे मत मरो”

NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली का जंतर-मंतर इस वक्त देश के सबसे बड़े प्रोटेस्ट हब में बदल चुका है।…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: क्या है सीटों का गणित और ममता-ऋतब्रता की साख की लड़ाई?

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है।…

5 Min Read
EntertainmentTrending News

‘लॉक अप 2’ की जेल में टूटा सुनीता आहूजा का सब्र!  कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, पति गोविंदा को लेकर कही ये बड़ी बात

OTT का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' (Lock Upp 2) इस समय सोशल मीडिया पर आग लगा…

4 Min Read
Trending Newsक्राइम

UP News: सुहागरात पर दुल्हन की खौफनाक चेतावनी-‘मुझे छुआ तो मर्डर कर दूंगी’ और फिर दूल्हे ने उठा लिया ये कदम…किसी ने भी नहीं सोचा था…’

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जो इन दिनों पूरे सोशल…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?