देश की राजधानी का धरना स्थल, जंतर-मंतर, एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं बल्कि एक खौफनाक हमला है। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से धरना दे रही कॉकरोच जनता पार्टी “CJP” के एक प्रदर्शनकारी पर रात के अंधेरे में लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद से ही धरना स्थल पर तनाव का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
NEET परीक्षा में हुई धांधली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। संगठन के मुताबिक, बीती रात कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने वहां मौजूद एक प्रदर्शनकारी पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

पीड़ित की बेटी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। उसका आरोप है कि: “कुछ ‘मनुवादी’ सोच के लोगों ने मुझे रास्ते में घेर लिया था। जब मेरे पिता मुझे बचाने के लिए आगे आए, तो उन लोगों ने सीधे उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया।” इस हमले में पीड़ित के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस पर बरसे CJP लीडर्स
इस घटना के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का दावा है कि इस हमले में करीब 15 लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अब तक सिर्फ एक आरोपी को हिरासत में लिया है।

संगठन ने पुलिस पर मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है। CJP नेताओं का कहना है कि डॉक्टरों ने सिर पर तीन गहरे घाव बताए हैं, लेकिन पुलिस इसे एक ‘मामूली झड़प और मामूली चोट’ का रूप देने की कोशिश कर रही है।
CJP की दो टूक- “हम झुकेंगे नहीं”
अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया है कि इस तरह के हमलों से उनका हौसला टूटने वाला नहीं है। उन्होंने मांग की है कि दिल्ली पुलिस तुरंत दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट और IPC की धारा 307 “हत्या का प्रयास” के तहत मामला दर्ज करे।
CJP का कहना है कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों और युवाओं को डराने की एक सोची-समझी साजिश है, लेकिन जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।