नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास जिम जाकर घंटों वर्कआउट करने का समय नहीं होता। ऐसे में अगर कोई ऐसी एक्सरसाइज हो जो बिना किसी उपकरण के कम समय में शरीर को कई फायदे दे सके, तो वह स्क्वाट्स हो सकती है। रोजाना सुबह सिर्फ 15 मिनट स्क्वाट्स करना शरीर की फिटनेस, ताकत और एक्टिवनेस को बेहतर बनाने में मददगार माना जाता है।
स्क्वाट्स एक प्रभावी बॉडीवेट एक्सरसाइज है, जो शरीर की कई प्रमुख मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करती है। यह खासतौर पर जांघों, कूल्हों, पिंडलियों और शरीर के मध्य हिस्से को मजबूत बनाने में भूमिका निभाती है। इसके दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए पीठ और पेट की मांसपेशियां भी लगातार काम करती हैं।
लोअर बॉडी और कोर को मिलती है मजबूती
रोजाना सुबह 15 मिनट स्क्वाट्स करने से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं। यह जांघों, कूल्हों और पैरों पर असर डालती है। साथ ही उठने-बैठने की प्रक्रिया के दौरान पेट और पीठ की मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं, जिससे शरीर का कोर मजबूत होता है और संतुलन बेहतर बनता है।
फैट बर्न करने की प्रक्रिया को दे सकता है रफ्तार
कम समय में किया गया स्क्वाट्स अभ्यास शरीर की बड़ी मांसपेशियों को सक्रिय करता है। जब शरीर की बड़ी मांसपेशियां काम करती हैं तो ऊर्जा की खपत बढ़ती है। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होने में मदद मिल सकती है और शरीर कैलोरी खर्च करने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय रख सकता है। सुबह के समय इसे करने से पूरे दिन शरीर अधिक सक्रिय महसूस कर सकता है।
बॉडी पोस्चर सुधारने में हो सकता है मददगार
लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत के कारण कई लोग गलत पोस्चर और पीठ से जुड़ी परेशानियों का सामना करते हैं। नियमित स्क्वाट्स करने से शरीर का संतुलन बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। यह रीढ़ की स्थिति को बेहतर बनाए रखने के साथ टखनों, घुटनों और कूल्हों की गतिशीलता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
दिल की सेहत और स्टैमिना पर भी पड़ सकता है असर
लगातार 15 मिनट तक स्क्वाट्स करने पर शरीर की गतिविधि बढ़ती है और रक्त संचार बेहतर तरीके से काम करता है। नियमित अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता और शारीरिक सहनशक्ति में सुधार देखा जा सकता है। इससे शरीर अधिक सक्रिय महसूस कर सकता है और रोजमर्रा की गतिविधियों में ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।