- सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेटरों के वर्कलोड को लेकर BCCI को दी अहम सलाह
- गावस्कर के मुताबिक, लगातार आराम देने की नीति से ‘इंडिया कैप’ का महत्व कम हो रहा है
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से खिलाड़ियों के हितों और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है। पूर्व कप्तान का मानना है कि केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) वाले क्रिकेटरों को हर कैलेंडर वर्ष में कम से कम एक महीने का स्पष्ट आराम मिलना चाहिए ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रह सकें।
गावस्कर ने यह बयान अफगानिस्तान के खिलाफ संपन्न हुई हालिया वनडे सीरीज के बाद दिया, जिसमें भारतीय टीम ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया था।
IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच कम अंतर पर उठाए सवाल
गौरतलब है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच IPL के ठीक बाद आयोजित हुआ था। यह मुकाबला आईपीएल (IPL) फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस की भिड़ंत के महज छह दिन बाद शुरू हो गया था। इतने व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए गावस्कर ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर चिंता जताई।
उन्होंने अपने ‘मिड-डे’ कॉलम में लिखा
“मैं समझता हूँ कि BCCI को अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों के लिए ‘बड़े भाई’ (Big Brother) की भूमिका निभानी पड़ती है। बोर्ड ने हमेशा इन देशों के विकास में सहयोग किया है और वहां का दौरा करके उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। लेकिन, हमारे अपने क्रिकेटरों का स्वास्थ्य और फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण है।”
‘वर्कलोड और रोटेशन पॉलिसी से कम हो रहा है इंडिया कैप का महत्व’
सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया में लगातार सीनियर खिलाड़ियों को आराम देने और रोटेशन नीति अपनाने पर तीखा रुख अपनाया। उनका मानना है कि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना एक सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए, जिसे कमाया जाना चाहिए न कि किसी के आराम करने पर आसानी से हासिल किया जाए।
गावस्कर ने वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हुए कहा
- सम्मान की बात: “भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है और आप खिलाड़ियों को रोटेट कर सकते हैं, लेकिन इससे ‘इंडिया कैप’ का महत्व कम हो रहा है। किसी खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए कैप नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि वह किसी आराम कर रहे खिलाड़ी की जगह ले रहा है। उसे यह सम्मान अर्जित करना चाहिए।”
- सर्वश्रेष्ठ टीम ही खेले: “जब भारत खेल रहा हो, तो मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन ही होनी चाहिए, जब तक कि चोट जैसी कोई मजबूरी न हो। वर्कलोड के नाम पर खिलाड़ियों को आराम देने से जितना संभव हो, बचना चाहिए।”
- करियर रिकॉर्ड का नुकसान: गावस्कर ने उदाहरण देते हुए कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक बनाए, जबकि मानव सुथार ने शानदार डेब्यू किया। लेकिन जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या बुमराह इस टीम के खिलाफ अपने करियर रिकॉर्ड में एक फाइफर (5 विकेट) या 10 विकेट जोड़ना नहीं चाहते होंगे?”
स्टेडियमों में दर्शकों की कमी पर भी जताई चिंता
पूर्व कप्तान ने इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित किया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई यह सीरीज प्रशंसकों को स्टेडियम तक खींचने में नाकाम रही। व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर के कारण दर्शकों में भी उत्साह की कमी देखी गई, जिसके चलते लखनऊ और चेन्नई में खेले गए वनडे मुकाबले आधे खाली स्टेडियमों के सामने खेले गए। गावस्कर ने अंत में याद दिलाया कि कैलेंडर पर नजर डालें तो भारत हर महीने कहीं न कहीं क्रिकेट खेल रहा है, जिस पर पुनर्विचार की जरूरत है।