चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने अपने रोजगार अभियान को आगे बढ़ाते हुए 355 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। इसके साथ ही राज्य में मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मौके पर कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के आधार पर संचालित की जा रही है।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकाय, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास समेत विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी गईं।
‘योग्यता के आधार पर मिली नौकरियां’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए अब सिफारिश, राजनीतिक दबाव या भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर की गई हैं और युवाओं की मेहनत को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों से लोगों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र में शामिल होने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
पेपर लीक पर केंद्र को घेरा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देशभर में सामने आए विभिन्न परीक्षा पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा प्रभावित किया है।
इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 के बाद से पंजाब में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया और सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखा है।
युवाओं के पलायन को रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल नौकरियां देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार कर रही है जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाकर युवाओं को पंजाब में ही भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ठेका कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए भी लगातार कदम उठा रही है।
65 हजार ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 65,000 ठेका कर्मचारियों को नियमित सेवा का रास्ता देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत आउटसोर्स व्यवस्था में काम कर रहे कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी रोजगार ढांचे के तहत लाने की योजना बनाई गई है।
सरकार का कहना है कि इससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजगार सुरक्षा और स्थिरता मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस
राज्य सरकार ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में कई नई योजनाओं का उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक प्रदेश में 25 नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 13 मौजूदा आईटीआई को आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है।
इसके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण, नई प्रयोगशालाओं की स्थापना और उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी निवेश किया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं और शिक्षकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।
सरकार के अनुसार राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों के लिए विशेष तैयारी कराई जा रही है।
नियुक्ति पाने वाले युवाओं ने जताई खुशी
समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। चयनित अभ्यर्थियों का कहना था कि बिना किसी सिफारिश या आर्थिक दबाव के सरकारी नौकरी मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
कई उम्मीदवारों ने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से युवाओं का सरकारी तंत्र पर विश्वास मजबूत हुआ है और इससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नई उम्मीद मिली है।