तेहरान: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। करीब दो महीने से जारी युद्धविराम के बीच ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला कर दिया। देर रात हुए इस हमले के बाद क्षेत्र में हालात फिर से युद्ध जैसे बन गए हैं। इजरायल का दावा है कि ईरान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कई वेस्ट बैंक के आसमान में दिखाई दीं। युद्धविराम लागू होने के बाद इजरायल पर ईरान का यह पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।
रातभर दागी गईं मिसाइलें, बढ़ी क्षेत्रीय चिंता
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने देर रात कई मिसाइलों से हमला किया। मिसाइल गतिविधियों के चलते वेस्ट बैंक क्षेत्र के आसमान में हलचल देखी गई। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई।
आखिर क्यों भड़का नया विवाद?
ईरान पहले ही संकेत दे चुका था कि यदि लेबनान पर हमला हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। रविवार को इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए इजरायल की ओर कई मिसाइलें दाग दीं। फिलहाल किसी भी तरह की जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या फिर शुरू हो सकता है बड़ा युद्ध?
हमले के बाद क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान कर ली गई थी और उन्हें रोकने के लिए रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई थी। सेना का दावा है कि वायुसेना ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
ईरान को जवाब देने की तैयारी में इजरायल
मिसाइल हमले के बाद इजरायल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया के संकेत दिए हैं। इजरायली नेतृत्व की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात पर नजर रखी जा रही है।
ट्रंप की एंट्री, ईरान को दी सख्त चेतावनी
घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईरान को हमले रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही तो युद्धविराम से जुड़ी संभावित सहमति प्रभावित हो सकती है।
ट्रंप ने एक इजरायली प्रसारण चैनल से बातचीत में कहा कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री से संपर्क कर उन्हें किसी भी जवाबी कार्रवाई से बचने की सलाह देंगे। उनका कहना था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी कार्रवाई कर चुके हैं और अब आगे तनाव बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।
नेतन्याहू से फोन पर हुई बातचीत
ट्रंप के बयान के कुछ समय बाद अमेरिकी मीडिया में यह जानकारी सामने आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री के बीच फोन पर बातचीत भी हुई। हालांकि बातचीत के विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।