बेंगलोर। कर्नाटक में ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद कांग्रेस सरकार के अंदर नेतृत्व परिवर्तन (CM बदलने) की अटकलें अब चरम पर पहुंच गई हैं। नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई बंद कमरे की हाई-लेवल मीटिंग के बाद बेंगलुरु लौटे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के एक संक्षिप्त बयान ने राज्य की सियासत में सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।
बुधवार को जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से दिल्ली की चर्चाओं को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा- “इस पर कल बात करेंगे।” सिद्धारमैया का यह ‘कल’ का सस्पेंस गुरुवार को होने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण ‘नाश्ता बैठक’ (Breakfast Meeting) से जुड़ा हुआ है, जिसे कर्नाटक की भावी राजनीति का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
1. ‘कावेरी’ में डीके शिवकुमार के साथ अहम बैठक, क्या सुलझेगा ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला?
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार की सुबह अपने आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मेजबानी करेंगे।
- पावर शेयरिंग पर नजर: कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद से ही डीके शिवकुमार के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं।
- अंदरूनी खींचतान: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस नाश्ते की मेज पर दिल्ली में तय हुई स्क्रिप्ट के आधार पर दोनों नेताओं के बीच पावर शेयरिंग या कैबिनेट फेरबदल के फॉर्मूले पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश होगी।
2. दिल्ली दरबार में जुटी थी कांग्रेस की ‘बिग फोर’ ब्रिगेड
यह पूरी हलचल मंगलवार को नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की उस महा-बैठक के बाद शुरू हुई है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल खुद मौजूद थे।
हालाँकि, बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा कि चर्चा सिर्फ आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों जैसे ‘संगठनात्मक मुद्दों’ पर हुई और सीएम बदलने की खबरें सिर्फ अटकलें हैं। लेकिन कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर के बयान ने साफ कर दिया कि पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं है।
3. गृह मंत्री जी परमेश्वर का बड़ा बयान: “तस्वीर अभी साफ नहीं”
नेतृत्व की इस रेस में तीसरे कोण के रूप में उभर रहे कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने खुलकर कहा कि दिल्ली की बैठक को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा:
“हाईकमान ने मुख्यमंत्री को बुलाया था, वे मिले भी। लेकिन अंदर क्या तय हुआ, यह अभी किसी को नहीं पता। राज्य प्रभारी रणदीप सुरजेवाला आज बेंगलुरु आ रहे हैं और उम्मीद है कि वह कल (गुरुवार) तक इस राजनीतिक भ्रम को दूर कर देंगे।”
नेहरू की पुण्यतिथि पर सिद्धारमैया का संदेश
इससे पहले, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने नेहरू के योगदान को याद करते हुए कहा, “वह एक ऐसे समाजवादी और पूंजीवादी दोनों विचारों को साथ लेकर चलने वाले नेता थे, जिन्होंने 17 वर्षों तक देश की अखंड सेवा की।” लेकिन राष्ट्रनायक को श्रद्धांजलि देने के ठीक बाद सिद्धारमैया खुद अपनी सरकार के भविष्य को लेकर मीडिया के तीखे सवालों के घेरे में आ गए।