तिरुवनंतपुरम/कोच्चि। केरल की राजनीति में बुधवार (27 मई, 2026) की सुबह एक बहुत बड़े भूचाल के साथ हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता विपक्ष पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के आवास सहित कुल 12 ठिकानों पर एक साथ तड़के छापेमारी (ED Raid) शुरू कर दी।
यह छापेमारी करोड़ों रुपये के बहुचर्चित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले से जुड़ी हुई है, जिसकी आंच पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीना विजयन तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद ईडी की टीमों ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर में एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
क्या है पूरा CMRL घोटाला और वीना विजयन पर आरोप?
केंद्रीय जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के केंद्र में पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीना विजयन और उनकी आईटी फर्म ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ है।
- ₹1.72 करोड़ का अवैध भुगतान: आरोप है कि एक प्राइवेट माइनिंग कंपनी CMRL ने साल 2018 से 2019 के बीच वीना विजयन की कंपनी को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
- बिना सर्विस के मिला पैसा: जांच में सामने आया कि वीना की आईटी फर्म ने इस प्राइवेट कंपनी को कोई भी सर्विस या कंसल्टेंसी नहीं दी थी, फिर भी यह भारी-भरकम रकम ट्रांसफर की गई। इसे सीधे तौर पर ‘क्विड प्रो को’ (Quid Pro Quo – उपकार के बदले उपकार) का मामला माना जा रहा है, क्योंकि उस वक्त पिनाराई विजयन राज्य के मुख्यमंत्री थे।
हाईकोर्ट के फैसले के चंद घंटों बाद एक्शन में ED
ईडी की यह बड़ी कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। मंगलवार को ही केरल हाई कोर्ट ने CMRL कंपनी की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसमें ईडी की जांच और कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट से रास्ता साफ होते ही ईडी ने बिना वक्त गंवाए पूर्व सीएम के घर का दरवाजा खटखटा दिया।
जांच के घेरे में दोहरा संकट: इस मामले में ED ने साल 2024 में ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था। फिलहाल इस घोटाले की समानांतर जांच कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की एजेंसी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रही है।
कुर्सी जाते ही एक्शन में SIT: विजयन के गनमैन सस्पेंड, ADGP पर गाज गिरने की तैयारी
केरल में सत्ता परिवर्तन (वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने) के बाद गठित की गई एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट आते ही पिनाराई विजयन की मुश्किलें चौतरफा बढ़ गई हैं।
- सुरक्षाकर्मियों पर गाज: मंगलवार को ही विजयन की सुरक्षा में तैनात उनके गनमैन सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
- ADGP पर एक्शन की तैयारी: एसआईटी जांच को प्रभावित करने और पटरी से उतारने के आरोप में राज्य की नई सरकार सीनियर पुलिस ऑफिसर (ADGP) एमआर अजित कुमार के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
क्या है SIT रिपोर्ट में?
एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2023 में जब पिनाराई विजयन सीएम थे और अपनी ‘नव केरल यात्रा’ पर निकले थे, तब अलप्पुझा में उनके विरोध में प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और केएसयू (KSU) कार्यकर्ताओं पर पुलिस और विजयन के गनमैन ने क्रूरता और गैर-कानूनी तरीके से बल और हथियारों का इस्तेमाल किया था।
सत्ता बदलते ही जहां विजयन विधानसभा में नेता विपक्ष की भूमिका में आए, वहीं पुरानी फाइलों और जांचों ने उन्हें और उनके परिवार को कानूनी शिकंजे में कसना शुरू कर दिया है।