तेहरान/वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की ओर से बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। ईरान के शक्तिशाली संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के सामने समझौते के लिए ‘भीख मांगने’ की स्थिति में आ चुके हैं।
ईरान का मानना है कि वैश्विक बाजार में ऊर्जा (तेल और गैस) की बढ़ती कीमतों ने पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है, जिससे अमेरिका और यूरोप पूरी तरह बैकफुट पर हैं।
1. ‘ईंधन संकट’ बनेगा ईरान का सबसे बड़ा हथियार
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC के उप कमांडर मोहम्मद अकबरजादेह ने मंगलवार (26 मई) को एक बयान जारी कर पश्चिमी देशों की दुखती रग पर हाथ रखा।
- कमजोर पश्चिमी अर्थव्यवस्था: अकबरजादेह का दावा है कि अमेरिका और यूरोप तेल-गैस की आसमान छूती कीमतों से बेहाल हैं। ये देश किसी भी बड़े ईंधन संकट या बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
- ईरान को रणनीतिक फायदा: उन्होंने साफ किया कि वैश्विक बाजार में ऊर्जा का यह संकट सीधे तौर पर तेहरान (ईरान) को मजबूत कर रहा है और इसका फायदा ईरान को मिलेगा।
2. होर्मुज स्ट्रेट पर ‘स्मार्ट कंट्रोल’ और मिसाइल पावर का दम
अमेरिकी हमलों से बेखौफ IRGC ने जलमार्गों पर अपनी मजबूत पकड़ का दावा किया है। IRGC की आधिकारिक न्यूज एजेंसी ‘सेपा न्यूज’ के मुताबिक:
“ईरान की मिसाइल क्षमता और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को बंद रखने की ताकत ही तेहरान की असली पावर है। हमारी नौसेना इस पूरे रूट पर ‘स्मार्ट और कड़ा कंट्रोल’ रख रही है।”
24 घंटे में गुजरे 25 जहाज: अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए IRGC ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बावजूद पिछले 24 घंटों में तेल टैंकरों और कंटेनर शिप्स सहित कुल 25 कमर्शियल जहाज ईरानी सेना की निगरानी और सुरक्षा में वहां से सुरक्षित गुजरे हैं।
3. सैन्य कार्रवाई हुई तो वाशिंगटन को मिलेगा ‘अपमान और नाकामी’
ईरानी उप कमांडर ने अमेरिका और इजरायल के गठजोड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों देशों ने युद्ध को केवल एक ‘अंतिम विकल्प’ के रूप में रखा है क्योंकि वे ईरान की ताकत से वाकिफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी:
- ईरानी सेना किसी भी संभावित हमले का मुंहतोड़ और जोरदार जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
- यदि वाशिंगटन ने ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य दुस्साहस किया, तो उसे सिर्फ नाकामी और वैश्विक अपमान हाथ लगेगा।
4. क्यों भड़का ईरान? जानिए क्या है पूरा विवाद
यह तीखी बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में बड़ी कार्रवाई की थी। अमेरिकी डिफेंस ने ईरान की उन मिसाइल लॉन्च साइट्स और हथियारबंद नौकाओं को निशाना बनाया था, जो कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिका की इसी कार्रवाई के बाद IRGC ने जवाबी कार्रवाई की खुली धमकी दी है।