उत्तर प्रदेश का अगला डीजीपी कौन होगा? इसको लेकर यूपी पुलिस में हलचल तेज हो गई है। जानकारी मिल रही है कि यूपी पुलिस को इस बार स्थायी डीजीपी मिलने की पूरी उम्मीद है और अगर ऐसा होता है, तो यह करीब चार सालों के बाद होगा।
नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एक अहम बैठक होने जा रही है। बताया जा रहा है कि यह बैठक तीन सीनियर आईपीएस (IPS) अधिकारियों के नामों का पैनल अंतिम रूप से तैयार करेगी, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा और उसके बाद नए नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण के स्थायी डीजीपी बनने की राह लगभग साफ नजर आ रही है। वह मौजूदा वक्त में यूपी के कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर कामकाज देख रहे हैं और इस बार उन्हें स्थायी डीजीपी की कमान सौंपी जा सकती है।
गौरतलब है कि मई 2022 में मुकुल गोयल (नोट: मूल कॉपी में ‘मणीलाल’ लिखा था, जबकि सही नाम मुकुल गोयल है) के हटने के बाद से यूपी पुलिस को कोई स्थायी प्रमुख नहीं मिला था। इस रेस में राजीव कृष्ण के अलावा दो और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
रेणुका मिश्रा (1990 बैच)
सीनियरिटी के आधार पर सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। उन्होंने बीकॉम के साथ-साथ अर्थशास्त्र में एमए और पुलिस प्रशासन में भी एमए किया है। वे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष रह चुकी हैं। मई 2021 में उन्हें डीजी पद पर पदोन्नति मिली थी, लेकिन सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के बाद जुलाई 2024 से उन्हें नियमित तैनाती नहीं दी गई है।
पीयूष आनंद (1991 बैच)
वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल हाल ही में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और MDI गुरुग्राम से पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
यूपी पुलिस में रहते हुए उन्होंने 11 जिलों में एसपी/एसएसपी के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा, वे करीब 7 साल तक सीबीआई में भी कार्य कर चुके हैं और CISF में ADG तथा स्पेशल DG जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।