दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। मस्क की एयरोस्पेस कंपनी “SpaceX” जल्द ही शेयर बाजार में अपना IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी में है। वॉल स्ट्रीट के इतिहास के इस सबसे बड़े IPO के बाद मस्क की कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर (1,000 अरब डॉलर) को पार कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो वह ह्यूमन हिस्ट्री के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ यानि लाख करोड़पति बन जाएंगे।
1 ट्रिलियन डॉलर भारतीय रुपयों में करीब 84,000 अरब यानी 84 लाख करोड़ रुपये की रकम आखिर कितनी बड़ी होती है? आइए इसे भारत के सबसे अमीर राज्यों और दुनिया की अर्थव्यवस्था के नजरिए से समझते हैं।
अगर मस्क 1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति के मालिक बनते हैं, तो उनकी अकेले की नेटवर्थ भारत के सबसे अमीर राज्यों की कुल जीडीपी (GDP) को भी पीछे छोड़ देगी: टॉप 4 राज्यों की संयुक्त ताकत के बराबर भारत का सबसे अमीर राज्य है:
महाराष्ट्र जिसकी जीडीपी लगभग 500-550 डॉलर बिलियन इंडियन रुपए में 5,311.37 करोड़ के आसपास है
इसके बाद तमिलनाडु 320-350 बिलियन डॉलर
गुजरात 340 बिलियन डॉलर
कर्नाटक 340 बिलियन डॉलर
उत्तर – प्रदेश 250-300 बिलियन डॉलर
मस्क अकेले महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे भारत के दो सबसे बड़े औद्योगिक पावरहाउस की पूरी इकोनॉमी को मिलाकर भी उनसे कहीं आगे होंगे। अगर भारत के टॉप 3 से 4 सबसे अमीर राज्यों की कुल अर्थव्यवस्था को एक तराजू में रख दिया जाए, तो मस्क की तिजोरी का पलड़ा उनके बराबर या उससे भारी ही बैठेगा।
सऊदी अरब और स्विट्जरलैंड भी पीछे
दुनिया के नक्शे पर नजर डालें तो मस्क की अनुमानित वेल्थ बड़ी-बड़ी वैश्विक ताकतों को भी छोटा साबित कर रही है:
दुनिया के सबसे अमीर तेल उत्पादक देशों में शुमार सऊदी अरब की पूरी जीडीपी (GDP) लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर है। यानी मस्क अकेले पूरे सऊदी अरब देश जितने अमीर हो जाएंगे। वह तुर्की, स्विट्जरलैंड, अर्जेंटीना, नीदरलैंड और स्वीडन जैसे अत्यधिक विकसित और बड़े देशों की कुल अर्थव्यवस्था को अकेले पछाड़ देंगे।
वैश्विक स्तर पर गिने-चुने 15-16 देशों को छोड़ दिया जाए, तो मस्क दुनिया के हर दूसरे देश से अधिक अमीर होंगे।
वॉल स्ट्रीट जर्नल का बड़ा खुलासा
अमेरिकी बिजनेस अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ “The Wall Street Journal” की रिपोर्ट के अनुसार, SpaceX का यह IPO मार्केट के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। बाजार में इस कंपनी की वैल्यूएशन 1.75 ट्रिलियन से 2 ट्रिलियन डॉलर के बीच आंकी जा रही है।
लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कंपनी के फाइनेंशियल पेपर्स के हवाले से एक चौंकाने वाली हकीकत भी सामने रखी है: भले ही कागजों पर SpaceX की वैल्यूएशन आसमान छू रही है, लेकिन असलियत में कंपनी अभी भारी घाटे से गुजर रही है। मस्क की AI कंपनी xAI का SpaceX में विलय होने के बाद, बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स बनाने और सुपरकंप्यूटर्स लगाने में अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं, जिसकी वजह से कंपनी को हाल की तिमाहियों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके बावजूद इन्वेस्टर्स मस्क के ‘फ्यूचर विजन’ पर आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण स्टारलिंक “Starlink” का लगातार बढ़ता और मुनाफे वाला सैटेलाइट इंटरनेट बिजनेस है।
मस्क की ‘अतरंगी’ शर्तें
इस IPO के दस्तावेजों में मस्क के कुछ ऐसे गोल्स भी सामने आए हैं, जिन्हें सुनकर मार्केट एक्सपर्ट्स भी चौक गये है। मस्क को कंपनी से एक्स्ट्रा शेयर्स और भारी बोनस तभी अलॉट होगा जब वह इन हैरतअंगेज शर्तों को पूरा करेंगे:
Mars पर इंसानी बस्ती: मस्क को इस डील का पूरा फायदा तब तक नहीं मिलेगा जब तक SpaceX मंगल ग्रह पर कम से कम 10 लाख लोगों की स्थायी कॉलोनी नहीं बसा देती।
अंतरिक्ष में सुपरकंप्यूटर: कंपनी को पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष (Space) में ऐसे विशाल डेटा सेंटर्स बनाने होंगे जो 100 टेरावॉट की कंप्यूटिंग पावर जेनरेट कर सकें।
SpaceX का यह आगामी IPO सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं है, बल्कि यह मस्क के उस साम्राज्य की शुरुआत है जहां अंतरिक्ष और AI मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल बनाने जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है की ये देखना दिलचस्प होगा कि जब यह IPO मार्केट में दस्तक देगा, तो मस्क ट्रिलियनेयर बनने के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट को किस करवट बदलते हैं।