क्वेटा/इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। एक तरफ जहां देश की अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर है, वहीं दूसरी तरफ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बलूचिस्तान प्रांत में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और सेना के खिलाफ चौतरफा जंग का ऐलान करते हुए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।
बीएलए ने पहली बार अपनी एक महिला कमांडर शायनाज बलूच (Shahnaz Baloch) का एक आक्रामक वीडियो संदेश जारी कर पाकिस्तानी हुकूमत को बलूच जमीन खाली करने की सीधी चेतावनी दी है। इसके साथ ही संगठन ने पाकिस्तान एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स (ASF) के एक शीर्ष अधिकारी का अपहरण कर लिया है।
पहली बार मीडिया के सामने आई महिला कमांडर, दिया अल्टीमेटम
बीएलए (BLA) के आधिकारिक मीडिया विंग ‘हक्कल’ द्वारा पब्लिश किए गए इस वीडियो ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। वीडियो में पहली बार कोई बलूच महिला फ्रीडम फाइटर अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व करती नजर आ रही है।
- हथियारों से लैस महिलाएं: इस वीडियो संदेश में कमांडर शायनाज बलूच के साथ कई अन्य बलूच महिलाएं भी नजर आ रही हैं, जो पहाड़ी इलाकों में आधुनिक हथियारों से लैस होकर खड़ी हैं।
- शहबाज सरकार को खुली चुनौती: शायनाज ने पाकिस्तानी सेना को संबोधित करते हुए कहा, “अब पाकिस्तान के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा है कि वह हमारी मातृभूमि (बलूचिस्तान) को तुरंत छोड़ दे, अन्यथा बेहद गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे।”
मजबूरी या रणनीति? महिलाओं को जंग में उतारने के पीछे का सच
कमांडर शायनाज ने वीडियो में दावा किया कि बलूच महिलाएं शौक से नहीं, बल्कि मजबूरी में बंदूक उठाने पर मजबूर हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना और सरकार द्वारा बलूच नागरिकों का लंबे समय से आर्थिक शोषण, दमन और जबरन गायब (Forced Disappearances) किया जा रहा है। अत्याचार की इसी इंतहा के कारण अब महिलाओं के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण: कूटनीतिक और सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह वीडियो बीएलए की उस सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे 2022 से महिला फाइटर्स (जैसे सुसाइड बॉम्बर्स और कमांडर्स) को आगे बढ़ा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भावुक कर अपने संगठन की तरफ आकर्षित करना है।
बीएलए का बड़ा ऑपरेशन: ASF के डिप्टी डायरेक्टर वसीम अहमद बंधक
इस वीडियो के सामने आने के साथ ही बीएलए ने पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र को एक और करारा झटका दिया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स (ASF) के एक बेहद सीनियर अधिकारी को अपनी हिरासत (बंधक) में ले लिया है।
- पहचान और लोकेशन: बंधक बनाए गए अधिकारी की पहचान ASF के डिप्टी डायरेक्टर और कमांडिंग ऑफिसर वसीम अहमद के रूप में हुई है।
- टारगेटेड इंटेलिजेंस ऑपरेशन: रिपोर्ट्स के मुताबिक, वसीम अहमद बलूचिस्तान के कलात जिले में एक आधिकारिक दौरे पर थे, जहां से वे अचानक लापता हो गए। बीएलए ने बयान जारी कर कहा है कि यह एक पूरी तरह से ‘इंटेलिजेंस-बेस्ड’ टारगेटेड ऑपरेशन था, क्योंकि उनके पास अधिकारी के मूवमेंट की सटीक जानकारी पहले से मौजूद थी। संगठन ने जल्द ही इस संबंध में और विस्तृत जानकारी मीडिया को देने की बात कही है।
शहबाज सरकार के सामने बड़ी चुनौती
इस दोहरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि बलूचिस्तान में अब स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल विरोध प्रदर्शनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक सशस्त्र गृहयुद्ध का रूप ले चुका है। बीएलए द्वारा शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाना और महिला ब्रिगेड को प्रोपेगैंडा के लिए इस्तेमाल करना, पाकिस्तान की संप्रभुता और उसकी सेना के खुफिया तंत्र की बड़ी नाकामी को दर्शाता है।