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Reading: बुढ़ापे में होने वाली इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं युवा! जानिए इसके कारण और एक्सपर्ट्स की राय
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Indian Press House > Blog > Trending News > बुढ़ापे में होने वाली इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं युवा! जानिए इसके कारण और एक्सपर्ट्स की राय
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बुढ़ापे में होने वाली इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं युवा! जानिए इसके कारण और एक्सपर्ट्स की राय

news desk
Last updated: May 21, 2026 6:28 pm
news desk
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कुछ साल पहले तक घुटनों और जोड़ों के दर्द को ‘बुढ़ापे की निशानी’ माना जाता था। लेकिन आज के दौर में कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। 20 से 35 साल के यंगस्टर्स, जो अपनी जिंदगी के सबसे एक्टिव फेज में होने चाहिए, वे अक्सर घुटने पकड़कर बैठे नजर आते हैं। सीढ़ियां चढ़ते वक्त घुटनों से आने वाली ‘कट-कट’ की आवाज और जिम में थोड़ा सा वजन उठाते ही होने वाला दर्द आज के युवाओं की एक बड़ी हकीकत बन चुका है।

Contents
इन बड़ी गलतियों से जाम हो रहे हैं युवाओं के घुटनेइन लक्षणों को न करें नजरअंदाजघुटनों को ‘बुढ़ापे’ से कैसे बचाएं?

आखिर ऐसा क्या बदल गया कि जो बीमारी 60 की उम्र के बाद आती थी, उसने युवाओं को इतनी जल्दी घेर लिया । आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं इसके पीछे की मुख्य वजहें और इससे बचने का तरीका।

इन बड़ी गलतियों से जाम हो रहे हैं युवाओं के घुटने

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, युवाओं में घुटने के दर्द की वजह कोई मेडिकल कंडीशन कम और उनका खराब लाइफस्टाइल ज्यादा है।

‘सिटिंग जॉब’ और सुस्त लाइफस्टाइल


घंटों कंप्यूटर के सामने एक ही पोस्चर में बैठे रहने से घुटनों के आस-पास की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। जोड़ों को जो मूवमेंट मिलनी चाहिए, वो नहीं मिल पाती, जिससे उनमें असमय अकड़न आने लगती है।

बिना गाइडेंस के ‘भारी वर्कआउट’ और स्पोर्ट्स इंजरी


आजकल युवाओं में फिट दिखने और रील्स बनाने के चक्कर में बिना ट्रेनर के हैवी वेट उठाने का ट्रेंड बढ़ा है। बिना वॉर्म-अप के भारी स्कॉट्स मारना या अचानक दौड़ना घुटने के लिगामेंट को फाड़ देता है। इसे मेडिकल की भाषा में रनर्स नी भी कहते हैं।

विटामिन डी और कैल्शियम का ‘सन्नाटा’


दिनभर ऑफिस के बंद कमरों में रहने के कारण युवाओं को विटामिन डी का मुख्य सोर्स नहीं मिल पाती। ऊपर से जंक फूड और खराब डाइट के कारण शरीर में कैल्शियम की भारी कमी हो रही है। नतीजा? हड्डियां अंदर से खोखली और कमजोर हो रही हैं।

बढ़ता वजन और गलत फुटवियर


शरीर का वजन जैसे ही 1 किलो बढ़ता है, घुटनों पर उसका दबाव 4 गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, फैशन के चक्कर में खराब सोल वाले या बिना कुशन वाले जूते पहनना सीधे घुटनों के कार्टिलेज को नुकसान पहुंचाता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज


एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं:

सीढ़ियां चढ़ते या उकड़ू बैठते समय घुटने की कटोरी के पीछे तेज दर्द।

घुटने को मोड़ते या सीधा करते समय आवाज आना।

सुबह उठने पर घुटनों में कड़ापन या हल्की सूजन महसूस होना।

घुटनों को ‘बुढ़ापे’ से कैसे बचाएं?

डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर आप चाहते हैं कि आपके घुटने लंबे समय तक आपका साथ दें, तो आज से ही अपनी रूटीन में ये बदलाव करें:

1- अगर अचानक कोई चोट या दर्द हो, तो तुरंत पेनकिलर खाने के बजाय आराम, बर्फ की सिकाई, हल्की पट्टी और पैर को तकिए पर ऊपर रखना अपनाएं।

2- घुटनों का लोड कम करने के लिए जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करें। साइकिल चलाना और स्विमिंग इसके लिए बेस्ट हैं।

3- अपनी थाली में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और नट्स शामिल करें। साल में एक बार विटामिन डी और कैल्शियम का ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।

4- अगर आपकी डेस्क जॉब है, तो हर 45 से 60 मिनट में अपनी सीट से उठें, 2 मिनट के लिए स्ट्रेचिंग करें या थोड़ा टहलें।

DISCLAIMER: अगर घुटने का दर्द एक हफ्ते से ज्यादा पुराना है या सूजन कम नहीं हो रही है, तो खुद डॉक्टर न बनें। तुरंत किसी अच्छे ऑर्थोपेडिक हड्डी रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। ये आर्टिकल रिसर्च और एक्सपर्ट्स के मुताबिक लिखा गया है, IndianPressHouse इस तरह का कोइ दावा नही करता है।

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