प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के कूटनीतिक दौरे के दूसरे पड़ाव पर नीदरलैंड पहुंच चुके हैं। UAE की सफल यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी का विमान एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पर उतरा, जहाँ उनका बेहद भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर के सैन्य प्रमुख रियर एडमिरल लुडगर ब्रुमेलायर, डच विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन और नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने उनका स्वागत किया।
साल 2017 के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा नीदरलैंड दौरा है, जिसे यूरोपीय देशों के साथ भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हाई-टेक और व्यापार पर रहेगा मुख्य जोर
अपने तीन दिवसीय 15 से 17 मई दौरे के दौरान पीएम मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की यह पहली मुलाकात है।

इन प्रमुख क्षेत्रों पर होगी डील:
सेमीकंडक्टर्स और हाई-टेक: दोनों देश मिलकर सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम करेंगे।
क्लीन एनर्जी: ग्रीन हाइड्रोजन और साफ ऊर्जा के क्षेत्र में नए समझौतों की उम्मीद है।
पारंपरिक सहयोग: जल प्रबंधन, कृषि और रक्षा क्षेत्र में चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की जाएगी।
उच्च स्तरीय बैठक के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे।
नीदरलैंड में मुख्य भूमि यूरोप की सबसे बड़ी भारतीय आबादी रहती है। प्रधानमंत्री यहाँ रह रहे प्रवासी भारतीयों के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। आंकड़ों के मुताबिक, नीदरलैंड में करीब 90,000 एनआरआई और 2 लाख से ज्यादा सूरीनामी-हिंदुस्तानी मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु का काम करते हैं।
आगे का कार्यक्रम
पीएम मोदी का यह दौरा काफी व्यस्त रहने वाला है। नीदरलैंड के बाद वे अपने इस 5 देशों के दौरे के अगले चरण के लिए स्वीडन, नॉर्वे और इटली के लिए रवाना होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत को यूरोप में अपनी रणनीतिक और आर्थिक पकड़ मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।