कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को शनिवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने गुरुग्राम के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वाड्रा को नियमित जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें ऐसे समय में मिली है जब ED इस मामले की गहन जांच कर रहा है।
कोर्ट की कार्यवाही और जमानत की शर्तें
स्पेशल जज ने अदालत में रॉबर्ट वाड्रा को 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि की सिक्योरिटी पर जमानत दे दी। ईडी ने इस मामले में बिना वाड्रा को गिरफ्तार किए सीधे अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने वाड्रा को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था। शनिवार को वाड्रा कोर्ट में हाजिर हुए और अपनी जमानत याचिका दायर की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
वाड्रा का ED और सरकार पर तीखा हमला
जमानत मिलने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए:
“सरकारी कठपुतली है ED”, वाड्रा ने सीधे तौर पर कहा कि आज के समय में प्रवर्तन निदेशालय स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है, बल्कि उसे पूरी तरह से सरकार द्वारा चलाया और नियंत्रित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब भी देश में चुनाव आते हैं या विपक्ष की आवाज बुलंद होती है, तो सरकार पुरानी फाइलों को खोलकर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देती है ताकि असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
वाड्रा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जांच में हमेशा सहयोग किया है और आगे भी करते रहेंगे क्योंकि उन्हें देश की अदालतों पर पूरा विश्वास है।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला साल 2008 से 2012 के बीच हरियाणा के गुरुग्राम में हुए एक जमीन सौदे से संबंधित है। आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ‘स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी’ ने गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में साढ़े तीन एकड़ जमीन काफी कम दाम में खरीदी और बाद में इस जमीन का लैंड-यूज़ (CLU) बदलकर उसे कमर्शियल लाइसेंस दिलाया गया और फिर इसे डीएलएफ (DLF) कंपनी को भारी मुनाफे (लगभग 58 करोड़ रुपये) में बेच दिया गया।
ईडी का दावा है कि इस सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और यह मनी लॉन्ड्रिंग PMLA के दायरे में आता है।
फिलहाल निचली अदालत से जमानत मिलना रॉबर्ट वाड्रा के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, हालांकि ईडी इस मामले की जांच जारी रखे हुए है। वाड्रा ने साफ कर दिया है कि वह इन कानूनी लड़ाइयों का सामना करने के लिए तैयार हैं और इसे अपने परिवार के खिलाफ एक “राजनीतिक साजिश” मानते हैं।