TV वर्ल्ड की ‘छोटी बहू’ और बिग बॉस 14 की विनर रुबिना दिलैक अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में रुबिना ने एक इंटरव्यू के दौरान एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के उस पहलू को बताया है जिसे अक्सर दबा दिया जाता है। रुबिना ने बताया कि कैसे मां बनने के बाद एक सफल एक्ट्रेस के लिए भी काम मिलना किसी पहाड़ को तोड़ने जैसा मुश्किल हो जाता है।
“मां बनते ही बदल जाता है नजरिया”
रुबिना, जो खुद जुड़वा बेटियों की मां हैं, ने शेयर किया कि जैसे ही कोई एक्ट्रेस अपनी प्रेग्नेंसी की अनाउंसमेंट करती है या मां बनती है, मेकर्स का उसे देखने का नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। रुबिना के अनुसार, “इंडस्ट्री में यह मान लिया जाता है कि अब आप लीड रोल के लिए फिट नहीं हैं।”

अक्सर एक्ट्रेसेस को मेन रोल से हटाकर ‘साइड रोल’ या ‘मां के किरदारों’ के लिए अप्रोच किया जाने लगता है, भले ही उनकी उम्र और टैलेंट लीड रोल के काबिल क्यों न हो।
वजन और दिखावे का दबाव
रुबीना ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले बॉडी चेंजेस एक्ट्रेसेस के करियर के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं। रुबिना ने बताया: सोसाइटी और इंडस्ट्री अक्सर महिलाओं से उम्मीद करती है कि वे डिलीवरी के तुरंत बाद वो “जीरो साइज” में वापस आ जाएं।
रुबिना ने खुद एक्सेप्ट किया कि उन्हें अपनी बेटियों के जन्म के बाद काम पर लौटने के लिए अपनी फिटनेस पर बहुत ज्यादा पसीना बहाना पड़ा, ताकि वे कास्टिंग डायरेक्टर्स की ‘पुरानी कसौटी’ पर खरी उतर सकें।
रूढ़िवादी सोच के खिलाफ जंग
रुबिना का कहना है कि यह केवल काम की कमी नहीं, बल्कि एक “सिस्टमैटिक बायस” है। लोग यह मान लेते हैं कि मां बनने के बाद एक एक्ट्रेस अपने काम को पहले जैसी प्रायोरिटी नहीं दे पाएगी। रुबिना ने सवाल उठाया कि जब एक्टर्स पिता बनने के बाद भी हीरो बने रह सकते हैं, तो एक्ट्रेसेस के लिए यह पैमाना अलग क्यों है?
रुबिना दिलैक का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि मदरहुड किसी महिला की कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है। इंडस्ट्री को अब किरदारों को कलाकार की निजी जिंदगी से अलग हटकर देखना होगा।