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Reading: पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: SC पहुंची TMC, कम अंतर वाली सीटों पर जीत को दी चुनौती
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Indian Press House > Blog > Trending News > पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: SC पहुंची TMC, कम अंतर वाली सीटों पर जीत को दी चुनौती
Trending Newsसियासी

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: SC पहुंची TMC, कम अंतर वाली सीटों पर जीत को दी चुनौती

news desk
Last updated: May 11, 2026 5:15 pm
news desk
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नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य में बीजेपी की जीत पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने दावा किया है कि कई विधानसभा सीटों पर हार-जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से भी कम है, जिनकी मतदाता सूची से जुड़ी अपीलें अभी भी अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित हैं।

Contents
सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी का तर्कसियासी घमासान और कानूनी पेचकल्याण बनर्जी की दलील- “मार्जिन से ज्यादा लंबित अपीलें”सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: “अंतरिम आवेदन दाखिल करें”मेनका गुरुस्वामी और चुनाव आयोग का पक्ष

सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी का तर्क

बंगाल में चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (Special Intensive Revision) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान टीएमसी के वकीलों ने कोर्ट के सामने अहम दलीलें पेश कीं…

जीत का सूक्ष्म अंतर : टीएमसी का दावा है कि कई सीटों पर बीजेपी की जीत का मार्जिन बहुत कम है। अगर लंबित अपीलों पर फैसला उन मतदाताओं के पक्ष में आता है, तो चुनावी नतीजे बदल सकते थे।

कोर्ट का पिछला रुख: टीएमसी ने अदालत को याद दिलाया कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि ऐसी विसंगति वाली स्थिति सामने आती है, जहाँ लंबित अपीलें जीत के अंतर को प्रभावित करें, तो कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।

सियासी घमासान और कानूनी पेच

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने हार स्वीकार करने के बजाय अब ‘डेटा और कानूनी प्रक्रिया’ के आधार पर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। जहाँ बीजेपी इसे जनादेश का अपमान बता रही है, वहीं टीएमसी का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के चलते यह परिणाम प्रभावित हुए हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब कानूनी लड़ाई देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गई है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज दावा किया है कि राज्य में करीब 35 लाख मतदाता वोट देने से वंचित रह गए, क्योंकि उनकी अपीलें अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित थीं।

कल्याण बनर्जी की दलील- “मार्जिन से ज्यादा लंबित अपीलें”

सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील और सांसद कल्याण बनर्जी ने सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए…

863 वोटों से हार: बनर्जी ने एक सीट का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां टीएमसी उम्मीदवार महज 863 वोटों से हार गया, जबकि उसी क्षेत्र में मतदाता सूची से हटाए गए 5432 लोगों की अपीलें अभी भी लंबित हैं।

32 लाख बनाम 35 लाख: उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य में टीएमसी और बीजेपी के बीच जीत-हार का कुल अंतर लगभग 32 लाख वोट है, जबकि 35 लाख लोग वोट ही नहीं डाल पाए क्योंकि उनकी अपीलें ट्रिब्यूनल में पेंडिंग थीं।

कोर्ट का पिछला रुख: उन्होंने जस्टिस बागची की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि यदि हार-जीत का अंतर सूची से हटाए गए लोगों की संख्या से कम होगा, तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: “अंतरिम आवेदन दाखिल करें”

बेंच ने कल्याण बनर्जी की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया…

विस्तृत आवेदन: कोर्ट ने कहा कि यदि टीएमसी को लगता है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का असर नतीजों पर पड़ा है, तो वे विस्तृत विवरण के साथ एक अंतरिम आवेदन (IA) दाखिल करें।

प्राथमिकता: सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फिलहाल कोर्ट की प्राथमिकता यह है कि ट्रिब्यूनल में लंबित अपीलों का काम तेजी से निपटाया जाए।

मेनका गुरुस्वामी और चुनाव आयोग का पक्ष

सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने देरी पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर अपीलों के निपटारे में चार साल लग जाएंगे, तो तब तक कई और चुनाव निकल जाएंगे।”

वहीं, चुनाव आयोग के वकील दामा शेषाद्री ने तकनीकी आधार पर कहा कि किसी भी सीट के नतीजे को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में चुनावी याचिका (Election Petition) दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। इस पर कल्याण बनर्जी ने जब मांग की कि ‘नाम हटाए जाने’ को याचिका का आधार माना जाए, तो सीजेआई ने स्पष्ट कहा कि कोर्ट इस तरह का आदेश अभी पारित नहीं कर सकता।

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TAGGED: SIR Bengal, Supreme Court Hearing, TMC vs BJP, Voter List Controversy, West Bengal Election Results, अपीलेट ट्रिब्यूनल, कल्याण बनर्जी, चुनाव आयोग, टीएमसी बनाम बीजेपी, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026, बंगाल चुनाव परिणाम चुनौती, मतदाता सूची विवाद, ममता बनर्जी, सीजेआई सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)
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