मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की दुनिया आने वाले कुछ सालों में एक रेवोल्यूशनरी बदलाव के लिए तैयार है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2032 तक “ट्रेडिशनल जर्नलिज्म” के मुकाबले डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म के क्षेत्र में नौकरियों और करियर के मौकों में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
‘ऑल-इन-वन’ होने चाहिए जर्नलिस्ट
अब वह समय चला गया जब पत्रकारिता केवल लिखने या कैमरा के सामने बोलने तक सीमित थी। 2032 तक इंडस्ट्री को ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश होगी जो ‘मल्टी-टास्किंग’ में माहिर हों। एक मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट को न केवल खबर की समझ होनी चाहिए, बल्कि उसे वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट का भी अच्छा ज्ञान होना कम्पलसरी होगा।

AI बनेगा सबसे बड़ा हथियार
इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा AI स्किल्स हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो प्रोफेशनल्स AI टूल्स का यूज़ करना जानते होंगे, वे दूसरों के मुकाबले कहीं आगे रहेंगे: AI की मदद से भारी-भरकम डेटा को सेकंडों में स्टोरी में बदला जा सकेगा। एआई यह तय करेगा कि किस पाठक को उसकी पसंद की कौन सी खबर पहले दिखानी है। एआई टूल्स का उपयोग करके ग्राफ़िक्स, एनिमेशन और वॉयसओवर को हाई-क्वालिटी और किफायती बनाया जाएगा।

इन सेक्टर्स में करियर की नई राहें खुलेंगी
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में कुछ खास भूमिकाओं की मांग सबसे ज्यादा होगी:
डिजिटल कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट: जो यह तय करेंगे कि कौन सा कंटेंट किस प्लेटफॉर्म पर वायरल होगा।

वीडियो जर्नलिस्ट्स: जो मोबाइल और डिजिटल डिवाइसेज के लिए शॉर्ट-फॉर्म वीडियो कंटेंट बनाने में माहिर होंगे।

टेक-इनेबल्ड रिपोर्टर्स: जो तकनीकी टूल्स का इस्तेमाल कर ग्राउंड रिपोर्टिंग को अधिक प्रभावशाली बनाएंगे।

एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है की 2032 का मीडिया वर्ल्ड केवल इनफार्मेशन देने के बारे में नहीं, बल्कि इनफार्मेशन को किस तरह ‘क्रिएटिव’ ढंग से पेश किया जाता है, इस पर टिका होगा। जो युवा आज से ही AI और डिजिटल टूल्स को अपना लेंगे, वही कल के लीडर्स होंगे।
करियर के लिए क्या है जरूरी?
अगर आप मीडिया या कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं, तो केवल डिग्री काफी नहीं होगी। आपको अपनी डिजिटल लिटरेसी बढ़ानी होगी। वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर, सोशल मीडिया एनालिटिक्स और जनरेटिव AI टूल्स पर पकड़ बनाना अब सफलता की नई चाबी बन गई है।