राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि पंजाब में AAP का राजनीतिक भविष्य कमजोर होता जा रहा है और
उन्होने कहा कि “आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार चंद महीनो की सरकार है अब,उनका बहुत जल्द पंजाब से सफाया होने जा रहा है उसके बाद तमाम लोग शतब्दी में बैठ कर दिल्ली पहुच जाएँगे तो इनके डर और इनकी धमकियों से आप बिलकुल भी खुद को इन्फ्लुएंस मत होने दीजिये कानून के तहत और देश हित में फैसले लीजिये”
राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति भवन में तीन अन्य सांसदों के साथ पहुंचकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सांसदों ने हाल ही में AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा है, उनके खिलाफ पंजाब में “राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई” की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार और प्रशासन का उपयोग उन लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जिन्होंने पार्टी से असहमति जताते हुए अपनी राजनीतिक दिशा बदली है। चड्ढा के अनुसार, यह कार्रवाई “बदले की राजनीति” का हिस्सा है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाई है। उन्होंने कहा, “जिन सांसदों ने आम आदमी पार्टी से असहमति जताई और अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पार्टी छोड़ी, उनके खिलाफ कई तरह की घटनाएं सामने आई हैं। इन्हीं सभी मामलों को हमने राष्ट्रपति के समक्ष रखा है।
राघव चड्ढा ने आगे मीडिया से बात करते हुए कहा की, “जब तक हम आज्ञाकारी थे, तब तक हमें संस्कारी कहा गया, लेकिन जैसे ही हमने पार्टी छोड़ी, हमें भ्रष्ट करार दे दिया गया।”
चड्ढा ने यह भी आरोप लगाया कि AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कई पूर्व सांसदों को राज्य एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।